Posted on:
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 25 अप्रैल । भारतीय हॉकी के दिग्गज और 1968 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता गुरबक्स सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। उन्होंने ज़िरकपुर में अंतिम सांस ली।
हॉकी इंडिया ने उनके निधन की पुष्टि की। हॉकी इंडिया के मुताबिक गुरबक्स सिंह ग्रेवाल 1968 मेक्सिको सिटी ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा थे, जिसने देश के लिए कांस्य पदक जीता था। वह भारतीय हॉकी इतिहास के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
उनकी एक खास उपलब्धि यह भी रही कि उन्होंने उसी ओलंपिक में अपने भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह दुर्लभ अवसर था जब दो सगे भाई एक साथ ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा बने।
खेल जीवन के बाद भी गुरबक्स सिंह ग्रेवाल ने हॉकी से अपना जुड़ाव बनाए रखा। उन्होंने वेस्टर्न रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी के रूप में कार्य किया और इस दौरान कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचान कर रेलवे हॉकी टीम में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें राजस्थान के खिलाड़ी भी शामिल थे।
सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद मुंबई में रहते हुए उन्होंने खेल प्रशासन में भी सक्रिय योगदान दिया। वह मुंबई हॉकी एसोसिएशन के मानद सचिव के रूप में जुड़े रहे और हॉकी के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाई। उनके निधन से भारतीय हॉकी जगत में शोक की लहर है और खेल प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।