नई दिल्ली। सुबह की शुरुआत अगर ताजगी की बजाय आंखों
में भारीपन, चुभन या दर्द के साथ हो, तो पूरा दिन परेशानी में बीतता है। हम
में से कई लोग इसे एक मामूली थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह किसी सीरियस आई प्रॉब्लम का
शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
सुबह आंखों में दर्द के पीछे मुख्य रूप
से 5 कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। सही इलाज
के लिए इन कारणों को समझना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं।
रात में सोते समय हमारी आंखें बंद रहती
हैं, जिसके कारण प्राकृतिक आंसुओं का बनना कम
हो जाता है। जिन लोगों की आंखों में पहले से ही नमी की कमी होती है, उन्हें सुबह उठने पर जलन और दर्द महसूस
होता है। खासकर जो लोग बहुत ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, उनमें यह समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती
है।
अगर आप पर्याप्त और गहरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो आपके शरीर के साथ-साथ आपकी आंखों को
भी पूरा आराम नहीं मिल पाता। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप पर आंखें गड़ाए रखने की
आदत आंखों पर एक्स्ट्रा दबाव डालती है। यही कारण है कि सुबह उठने पर आंखों में
भयंकर थकान और दर्द होता है।
कई बार हमारे बिस्तर, तकिए या कंबल में धूल और प्रदूषण के बारीक कण मौजूद होते हैं, जो रात भर हमारी आंखों को नुकसान
पहुंचाते हैं। इस एलर्जी के कारण सुबह आंखों में कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे:
·
आंखों में रेडनेस
·
तेज खुजली मचना
·
दर्द होना
·
आंखों से पानी आना या सूजन महसूस होना
अगर सुबह आपकी आंखें चिपचिपी हो रही हैं
और दर्द के साथ सूजन भी है, तो यह कंजक्टिवाइटिस या ब्लेफेराइटिस जैसे इन्फेक्शन का
स्पष्ट संकेत हो सकता है। अगर ये लक्षण कई दिनों तक बने रहें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से अपनी जांच
करवानी चाहिए।
अगर आपकी आंखों की रोशनी कमजोर है और आप या तो चश्मा नहीं पहनते या
फिर गलत पावर का चश्मा इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आंखों की मांसपेशियों पर लगातार तनाव बना रहता है। यह बढ़ा हुआ
तनाव भी सुबह के समय आंखों में दर्द का एक बड़ा कारण बनता है।
अगर यह दर्द
कभी-कभार होता है, तो यह चिंता
का विषय नहीं है, लेकिन अगर
रोज सुबह आंखें खोलने में तकलीफ होती है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। इससे
बचने के लिए आप कुछ आसान तरीके अपना सकते हैं:
·
नींद पूरी करें: आंखों को
आराम देने के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है।
·
स्क्रीन टाइम कम करें: सोने से
पहले गैजेट्स से दूरी बना लें।
·
सफाई का ध्यान रखें: अपनी आंखों
को साफ रखें और साफ बिस्तर का इस्तेमाल करें।
·
आर्टिफिशियल टीयर्स: जरूरत महसूस
होने पर आंखों की नमी बरकरार रखने के लिए 'आर्टिफिशियल टीयर्स' का इस्तेमाल
करें।