धमतरी, 10 फ़रवरी। धमतरी शहर से लगे ग्राम रत्नाबांधा एवं मुजगहन की सीमा पर स्थित प्राचीन विशाल तालाब को स्वच्छ रखने तथा जल स्रोत को संरक्षित करने के उद्देश्य से ग्रामीणों द्वारा व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए यह अभियान विगत तीन दिनों से युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्रवासियों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
इस तालाब का ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व है। रत्नाबांधा और मुजगहन दोनों गांवों के साथ-साथ आसपास के शहर से लगे वार्डों के नागरिक भी वर्षों से इस तालाब का निस्तारी के रूप में उपयोग करते आ रहे हैं। समय के साथ तालाब में जलकुंभी और खरपतवार की अत्यधिक वृद्धि होने लगी थी, जिससे जल स्रोत प्रभावित हो रहा था और तालाब की स्वच्छता पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा था। क्षेत्र के जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने बताया कि ग्रामीणों की लगातार मांग के अनुरूप तालाब की नियमित साफ-सफाई की दिशा में यह अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत तालाब में फैली जलकुंभी और खरपतवार को बाहर निकालकर व्यवस्थित रूप से सफाई की जा रही है, जिससे तालाब का जलस्तर सुरक्षित रहे और जल गुणवत्ता में भी सुधार हो सके।
इस अभियान में क्षेत्र के अनेक ग्रामीण सक्रिय रूप से सहभागिता निभा रहे हैं, जिनमें तेज नारायण मीनपाल, कमलेश मीनपाल, रामकुमार, राजेंद्र, संतोष सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों की एकजुटता और सहभागिता से यह अभियान क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का सशक्त उदाहरण बनता जा रहा है।
जल स्रोत सूखने की बनी रहती है आशंका:
ग्रामीण पवन कुमार, टेपचंद का कहना है कि गर्मी के दिनों में तालाब क्षेत्र की जीवनरेखा बन जाता है। यदि समय रहते इसकी सफाई नहीं की जाती, तो जल स्रोत सूखने की आशंका बनी रहती है। इसी उद्देश्य से स्वच्छता अभियान के माध्यम से तालाब को स्वच्छ, सुंदर और उपयोगी बनाए रखने का सामूहिक प्रयास किया जा रहा है।