बैंक घोटाले में राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पर चला महाभियोग, पद से हटते ही हुए नजरबंद

Posted on: 2026-11-07


पैराग्वे की राजनीति में बैंकिंग संकट ने बड़ा भूचाल ला दिया है। देश के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को बैंक घोटाले से जुड़े आरोपों के चलते महाभियोग की प्रक्रिया के बाद पद से हटा दिया गया है। राष्ट्रपति पद से हटाए जाने के कुछ ही मिनटों बाद उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने न केवल पैराग्वे की राजनीति को हिलाकर रख दिया है, बल्कि देश की बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, यह पूरा विवाद डिजिटल बैंक यूएनो (Ueno Bank) के वित्तीय संकट से जुड़ा है। बैंक के संचालन पर नियामक कार्रवाई के बाद लाखों ग्राहकों की जमा राशि और लेनदेन प्रभावित हुए। इस संकट ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

पैराग्वे की सीनेट में शुक्रवार को राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान हुआ। सांसदों ने उन्हें पद पर रहते हुए कथित कदाचार का दोषी ठहराते हुए पद से हटाने का फैसला किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली। वह अगस्त 2028 तक शेष कार्यकाल संभालेंगे। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद पेना को मिलने वाली संवैधानिक सुरक्षा और आजीवन सीनेटर के रूप में मिलने वाली विशेष कानूनी छूट भी समाप्त हो गई। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। उन्हें आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के समक्ष पेश होना है।

जांच एजेंसियों और सांसदों का आरोप है कि पेना ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए यूएनो बैंक को अनुचित लाभ पहुंचाया। आरोपों के मुताबिक, बैंक में सरकारी और पेंशन फंड की बड़ी रकम जमा कराई गई, जबकि बैंक के वित्तीय संचालन और अंदरूनी लेनदेन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे। पेना पर हितों के टकराव, प्रभाव के दुरुपयोग और सरकारी पद का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पेना ने किसी भी तरह की गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित कंपनी में अपनी हिस्सेदारी पहले ही बेच दी थी।

यूएनो बैंक पैराग्वे के बड़े डिजिटल बैंकों में शामिल था। इसके करीब 29 लाख ग्राहक बताए गए हैं। केंद्रीय बैंक ने वित्तीय नियमों और न्यूनतम पूंजी संबंधी शर्तों के उल्लंघन के बाद बैंक के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके चलते ग्राहकों के खाते प्रभावित हुए और कई लोगों को अपनी जमा राशि निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक में सरकारी संस्थानों और पेंशन फंड का पैसा भी जमा था। इस संकट से सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आम खाताधारकों और कारोबारियों पर असर पड़ा।

मामले में बैंक के अधिकारियों और पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख कार्लोस कार्वालो की भूमिका की भी जांच हो रही है। बैंक के कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं नए राष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने प्रभावित ग्राहकों को उनकी राशि वापस दिलाने का आश्वासन दिया है। अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या खुलासे होते हैं और पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ आरोप किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।