प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ACP सस्पेंड, PHQ के बाहर जुटे थे 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी

Posted on: 2026-11-03


दिल्ली पुलिस में इन दिनों अंदरूनी नाराजगी का मामला चर्चा में है। पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित किए जाने की खबर सामने आई है। दरअसल, दिल्ली पुलिस के करीब 150 से अधिक जवान और महिला पुलिसकर्मी सोमवार को पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर एकत्र हुए थे। पुलिसकर्मियों का यह प्रदर्शन शाहदरा थाने में पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद दो अधिकारियों के तबादले के विरोध में था। प्रदर्शनकारी एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार को उनकी पुरानी तैनाती पर बहाल करने की मांग कर रहे थे। इस घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस के भीतर अनुशासन, अधिकारियों के तबादले और पुलिसकर्मियों की शिकायतों को लेकर नई बहस छेड़ दी है

इस प्रदर्शन के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्रालय ने पुलिसकर्मियों के इस तरह सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन करने और एसीपी के संबोधन को पुलिस बल के अनुशासन के खिलाफ माना है। हालांकि, निलंबन को लेकर सामने आई रिपोर्टों में विभागीय कार्रवाई के विस्तृत आधार का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं है। इस फैसले के बाद दिल्ली पुलिस के भीतर हलचल तेज हो गई है

दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस थाने में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच हुई झड़प से हुई थी। इस घटना में अधिवक्ता ललित बंसल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद वकीलों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और कार्रवाई में लापरवाही के आरोप लगाए। वकीलों का आरोप था कि थाने में पहुंचे अधिवक्ताओं के साथ एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने दुर्व्यवहार किया और अपनी सर्विस पिस्टल दिखाकर धमकाया। इस मामले को लेकर दिल्ली की जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। वकीलों की मांगों और विवाद बढ़ने के बाद 28 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ का गांधी नगर सब-डिवीजन से स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमेन एंड चिल्ड्रन (SPUWAC) में तबादला कर दिया। वहीं शाहदरा थाने के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट में भेज दिया गया। इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी