नीम का इस्तेमाल सदियों से भारतीय घरों में त्वचा और बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। आयुर्वेद में भी नीम को खास महत्व दिया गया है। इसके पत्तों और बीजों में कई प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों की संभावना देखी गई है। यही वजह है कि आज भी कई लोग बालों में नीम का तेल लगाना पसंद करते हैं। बाजार में नीम का तेल आसानी से मिल जाता है, लेकिन आप चाहें तो इसे घर पर भी तैयार कर सकते हैं। घर पर बना नीम का तेल तैयार करने के लिए आपको कुछ साधारण चीजों की जरूरत होगी। इसके लिए ताजे नीम के पत्ते, नारियल तेल या तिल का तेल और एक साफ कांच की बोतल ले लें। सबसे पहले नीम के पत्तों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें, ताकि उन पर लगी धूल और मिट्टी निकल जाए। इसके बाद पत्तों को कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रखें कि पत्तों में नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि नमी रहने से तेल जल्दी खराब हो सकता है। अब एक पैन में नारियल या तिल का तेल डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। इसमें सूखे नीम के पत्ते डाल दें और कुछ मिनट तक हल्की आंच पर गर्म होने दें। तेल को तेज आंच पर न पकाएं और पत्तों को जलने न दें। जब पत्तों का रंग थोड़ा बदलने लगे और तेल में उनकी खुशबू आने लगे, तब गैस बंद कर दें। तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद साफ कपड़े या छन्नी की मदद से तेल छानकर कांच की साफ और सूखी बोतल में भर लें। इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें। बेहतर होगा कि थोड़ी मात्रा में तेल तैयार करें और उसमें किसी तरह की बदबू, रंग में असामान्य बदलाव या फफूंदी दिखाई देने पर उसका इस्तेमाल न करें।
बालों पर नीम का तेल लगाने के फायदे
नीम के तेल में मौजूद प्राकृतिक तत्व स्कैल्प की देखभाल में मदद कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने से सिर की त्वचा को साफ रखने और रूसी की समस्या को कम करने में कुछ लोगों को फायदा मिल सकता है। नीम में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिनमें फंगस और बैक्टीरिया के खिलाफ गतिविधि देखी गई है। हालांकि, नीम का तेल रूसी या स्कैल्प से जुड़ी किसी बीमारी का प्रमाणित इलाज नहीं है।
1. रूसी से राहत में मदद: सिर में रूसी होने पर खुजली और सफेद पपड़ी की समस्या परेशान कर सकती है। नीम के तेल में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व स्कैल्प की देखभाल में सहायक हो सकते हैं। इसे नारियल तेल में मिलाकर सीमित मात्रा में लगाया जा सकता है। अगर रूसी लगातार बनी रहती है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
2. स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद: नीम के तेल की मालिश से सिर की त्वचा को नमी मिल सकती है। इससे रूखेपन और खिंचाव की परेशानी कम महसूस हो सकती है। हालांकि, तैलीय स्कैल्प वाले लोगों को इसका इस्तेमाल कम मात्रा में करना चाहिए।
3. बालों का रूखापन कम करने में सहायक: नीम के तेल को नारियल या बादाम के तेल के साथ मिलाकर लगाने से बालों में नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे बाल मुलायम महसूस हो सकते हैं और उनकी उलझन कम हो सकती है।
4. स्कैल्प की खुजली में राहत: यदि सिर की त्वचा रूखी होने के कारण खुजली होती है, तो तेल लगाने से कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन खुजली के पीछे संक्रमण, एलर्जी या त्वचा संबंधी बीमारी भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
नीम का तेल लगाते समय रखें सावधानी
नीम का तेल इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। इसके लिए हाथ की त्वचा के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर 24 घंटे तक देखें। लालिमा, जलन, खुजली या सूजन होने पर इसका इस्तेमाल न करें। पहली बार तेल लगा रहे हैं तो इसे सीधे लगाने के बजाय नारियल तेल में मिलाकर इस्तेमाल करना बेहतर है। तेल को पूरे सिर पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में लगाएं और कुछ समय बाद हल्के शैंपू से धो लें। आंखों और चेहरे के संवेदनशील हिस्सों से इसे दूर रखें। छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और त्वचा संबंधी समस्या से परेशान लोगों को इस्तेमाल से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
ध्यान रखें कि नीम का तेल लगाने से बालों की लंबाई तेजी से बढ़ने या बाल झड़ना पूरी तरह बंद होने की गारंटी नहीं है। बालों की अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित देखभाल भी जरूरी है। यदि बाल लगातार झड़ रहे हैं या स्कैल्प में घाव और तेज खुजली है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।