डायबिटीज के मरीज अमरूद खाते समय न करें ये 2 गलतियां, एक्सपर्ट ने बताया क्यों है जानना ज़रूरी?

Posted on: 2026-10-23


अमरूद एक ऐसा फल है जो पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। खासकर, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है (12 से 24 के बीच) जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देता है, इसलिए यह फल डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फल अमृत समान है।

इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। लेकिन क्या आप इसे खाने का सही तरीका जानते हैं?

वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर बता रही हैं कि डायबिटीज के मरीज जब भी अमरूद खाएं तो उन्हें कौन सी दो गलतियों को करने से बचना चाहिए?

  • पके हुए अमरूद को छीलकर न खाना: लीमा महाजन के मुताबिक, कई बार डायबिटीज के मरीजों को जानकारी नहीं होती और वो पके हुए अमरूद को बिना छिले ही खा लेते हैं। ऐसा करने से आपका ब्लड शुगर बढ़ सकता है क्योंकि कच्चे अमरूद की तुलना में पके हुए अमरूद के छिलके में काफी मात्रा में शुगर होता है।

  • अमरूद के साथ लगीं पत्तियों को फेंक देना: लीमा महाजन कहती हैं कि अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और अमरूद खाने जा रहे हैं तो उसके साथ लगी पत्तियों को न फेंकें। कई स्टडीज के मुताबिक, अगर आप अमरूद की दस से बारह पत्तियों की चाय दिन में दो बार पीते हैं तो इससे फास्टिंग शुगर और पोस्ट मील शुगर दोनों ही तेजी से कंट्रोल होता है।

     साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि भले ही डायबिटीज के मरीज अमरूद का सेवन कर सकते हैं लेकिन इस बीमारी में कोई भी फल सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। एक दिन में मीडियम आकार का अमरूद खाना आपके लिए पर्याप्त है। 

    अमरूद खाने के अन्य फायदे:

  • इम्यूनिटी करता है बूस्ट: अमरूद में संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होता है, जो कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में फायदेमंद माना जाता है. 

  • हार्ट हेल्थ: अमरूद में भरपूर मात्रा में पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉलको कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

  • त्वचा और बाल: अमरूद में मौजूद विटामिन सी  और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा पर झुर्रियां, कील-मुंहासों को कम करते हैं और त्वचा में चमक लाते हैं।