यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के तेल, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर किया हमला

Posted on: 2026-10-30


यमन के हूती ग्रुप ने सऊदी अरब पर हमले का दावा किया है। हूती ने कहा कि उसने सऊदी अरब में तेल सुविधाओं, हवाई अड्डों और एक सैन्य ठिकाने पर छह मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हूती ग्रुप के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने हूति-संचालित 'अल-मसीराह टीवी' पर प्रसारित एक बयान में कहा कि तीन बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित 'रास तानूरा रिफाइनरी' और 'अब्काइक' में सऊदी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, देश के लाल सागर तट पर स्थित 'राबिग रिफाइनरी' को भी निशाना बनाया गया।   होर्मुज जलडमरूमध्य: ओमान तट के पास जहाज में लगी आग ज़्यादा जानें खबरें पढ़ें News मंत्री संपर्क जानकारी सरिया ने बताया कि दो अन्य ऑपरेशन्स में सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित 'किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' पर मिसाइलों से, और पूर्वी प्रांत के दम्मम में स्थित 'किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' पर ड्रोन से हमला किया गया। हूती के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि इस हमले के कारण हवाई यातायात बाधित हुआ। याह्या सरिया ने यह भी बताया कि हूती ग्रुप ने दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्र नजरां स्थित सऊदी सैन्य बलों के 'कमांड सेंटर' को भी निशाना बनाया है। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में कई सैनिक और अधिकारी हताहत हुए हैं। इसके अलावा, सरिया ने कहा कि ये हमले यमन में हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर सऊदी अरब की ओर से हाल ही में किए गए हमलों के जवाब में किए गए हैं।   सऊदी अरब के तेल और उड्डयन ठिकानों पर हूती विद्रोहियों का हमला इससे पहले, गुरुवार शाम को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले संगठन ने बताया कि सऊदी के एयर डिफेंस सिस्टम ने हूतियों की ओर से राजधानी रियाद की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया। वहीं, हूतियों का कहना है कि यमन में उनके कब्जे वाले इलाकों पर सऊदी अरब के हवाई हमलों में 27 लोग मारे गए हैं। ये ताजा हमले हूतियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए हैं। हाल के हफ्तों में दोनों पक्षों की ओर से सीमा पार हमले किए जा रहे हैं। यमन 2014 के आखिर से ही संघर्ष में उलझा हुआ है। उस समय हूतियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमनी सरकार के समर्थन में इस संघर्ष में हस्तक्षेप किया था।