कोलकाता, 28 सितंबर केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों तक राज्य का कोयला क्षेत्र पूरी तरह से अवैध खनन संचालकों और माफिया के कब्जे में रहा है। केंद्रीय मंत्री ने इस स्थिति को 'जंगलराज' करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार अब इस क्षेत्र में पारदर्शिता लाने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सुधार कर रही है।
कोलकाता में एसोचैम द्वारा अंगुल एल्युमिनियम पार्क के संदर्भ में आयोजित एक औद्योगिक रोडशो को संबोधित करते हुए रेड्डी ने पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "यह विडंबना है कि कोल इंडिया का मुख्यालय कोलकाता में ही स्थित है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के कोयला क्षेत्र में जवाबदेही की भारी कमी रही है। यह क्षेत्र कई वर्षों तक बिना किसी रोक-टोक के माफिया और अवैध खनन संचालकों के नियंत्रण में काम करता रहा, जिसका अनुभव हम सभी ने किया है।"
अवैध खनन से जुड़े गंभीर खतरों और जानमाल के नुकसान का जिक्र करते हुए रेड्डी ने कहा कि राज्य में बिना किसी वैध अनुमति, सुरक्षा मानकों और नियामकीय निगरानी (रेगुलेटरी मॉनिटरिंग) के बेखौफ खनन किया जाता था। उन्होंने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा, "खनन की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं होने के बावजूद, बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से अवैध खनन किया जाता था। इस दौरान कई दुर्घटनाएं हुईं, मजदूरों की जान गई, लेकिन किसी की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। यह पूरी तरह से एक 'जंगलराज' था।"
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब इस स्थिति को बदलने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। खनन क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार की पारदर्शी नीतियों के कारण अवैध खनन नेटवर्क पर कड़ी चोट की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया, "पहले कोयले से होने वाला राजस्व राज्य के सरकारी खजाने में जाने के बजाय किसी और की जेब में चला जाता था। लेकिन आज पारदर्शी प्रक्रियाओं और कड़ी जवाबदेही के कारण कई अवैध संचालक पीछे हटने को मजबूर हुए हैं। इन सुधारात्मक कदमों से सुनिश्चित होगा कि इस क्षेत्र से होने वाला राजस्व सीधे राज्य सरकार के खजाने में जाए और विकास कार्यों में उपयोग हो।"
इसके साथ ही, जी. किशन रेड्डी ने जानकारी दी कि राज्य में कोयला और खनन क्षेत्र के समग्र विकास और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए वह जल्द ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे