जल शक्ति मंत्रालय आज नई दिल्ली में दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसका उद्देश्य सहकारी संघवाद को मजबूत करना, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति सामूहिक स्वामित्व को बढ़ावा देना और केंद्र-राज्य के घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से परिणामों में तेजी लाना है। यह शिखर सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक अभिनव मंच के रूप में परिकल्पित विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला है।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में चार प्रमुख विषयगत स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनमें जल अवसंरचना परियोजनाओं का समयबद्ध कार्यान्वयन, जल संचय जन भागीदारी (बारिश का संग्रहण), पेयजल प्रणालियों की स्रोत स्थिरता और जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि चर्चाओं में परियोजना कार्यान्वयन, अंतर-एजेंसी समन्वय, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, डिजिटल निगरानी, परिसंपत्ति प्रबंधन और समुदाय-नेतृत्व वाली जल शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करना शामिल होगा।