बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

Posted on: 2026-08-25


बिलासपुर, 25 अगस्त । बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार और हवाई सुविधाओं से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आज मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की ओर से पेश जवाब पर चर्चा हुई। राज्य सरकार ने एयरपोर्ट के ऑपरेशनल मेंटेनेंस और विकास कार्यों की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। एएआई ने बताया कि, प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और इसे आगे बढ़ाने के लिए एमओयू तैयार किया जा रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को सकारात्मक रुख अपनाते हुए प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि, एयरपोर्ट से जुड़े विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जाए।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि एयरपोर्ट परिसर में जनसुविधा भवन के निर्माण में देरी को शासन और जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मंत्रालय और कलेक्टर स्तर पर भी इस मामले में संज्ञान लिया गया है। हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित नई समय-सीमा के अनुसार जनसुविधा भवन का काम 20 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल और पेरीफेरी रोड के डामरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनके लिए कार्यादेश भी जारी किया जा चुका है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से बिलासपुर से संचालित उड़ानों में कमी का मुद्दा उठाया गया। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने खास तौर पर बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली रूट की उड़ान बंद होने का मामला कोर्ट के सामने रखा।

राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि, अक्टूबर से लागू होने वाले विंटर शेड्यूल को लेकर संबंधित स्तर पर चर्चा चल रही है। सरकार की कोशिश है कि बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए। याचिकाकर्ताओं ने केंद्र सरकार की उड़ान योजना में बिलासपुर से जुड़े सभी संभावित रूट शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजने की मांग भी रखी।

मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।

बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध होने के बाद अब यहां कुल भूमि 646.8 एकड़ हो गई है। अप्रैल में सैन्य अधिकारियों ने सेना के स्वामित्व वाली जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को हस्तांतरित की थी। इस दौरान संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर भूमि प्रशासन को सौंप दी गई थी।

अतिरिक्त जमीन मिलने से रनवे विस्तार और एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने की दिशा में आ रही प्रमुख बाधा दूर हो गई है। 4C श्रेणी में अपग्रेड होने के बाद एयरपोर्ट पर बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे बिलासपुर को देश के अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध होने और विभिन्न स्तरों पर मंजूरियां मिलने के बावजूद विकास कार्यों में देरी का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। इसी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। अब सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने विकास कार्यों की प्रगति और आगे की समय-सीमा को लेकर अपना पक्ष रखा है।

सरकार का कहना है कि अक्टूबर तक एयरपोर्ट से जुड़े प्रमुख विकास कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं नए हवाई रूट शुरू करने और मौजूदा उड़ानों की संख्या बढ़ाने को लेकर भी संबंधित स्तर पर प्रयास जारी हैं।