पश्चिम एशिया संकट का असर, सेंसेक्स 365 अंक और निफ्टी 76 अंक फिसला

Posted on: 2026-08-18


ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने तथा दोनों देशों के बीच शांति समझौते की उम्मीद कमजोर होने से कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इसका असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा और सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 365 अंक यानी 0.47 प्रतिशत गिरकर 77,362 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 76 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,211 अंक पर कारोबार कर रहा था।

क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम 0.62 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.40 प्रतिशत नीचे रहा।

वित्तीय सेवाओं, निजी बैंक, मीडिया, धातु और एफएमसीजी क्षेत्र के सूचकांकों में भी हल्की गिरावट देखी गई। दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो 0.40 प्रतिशत और पीएसयू बैंक 0.29 प्रतिशत चढ़ा।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिका की 10 साल की सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर बढ़कर 4.73 प्रतिशत होना निकट अवधि में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल सकता है। इससे विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में निवेश करने की रुचि भी प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और कंपनियों की कमाई में सुधार के संकेत बाजार को सहारा दे सकते हैं। घरेलू संस्थागत निवेशक गिरावट के दौरान खरीदारी कर सकते हैं, जबकि छोटे निवेशक लंबी अवधि के लिए अच्छी कंपनियों के शेयरों में धीरे-धीरे निवेश बढ़ा सकते हैं।

ईरान के अधिक आक्रामक रुख अपनाने की खबरों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम बढ़ाने से इनकार किए जाने के बाद ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।

इसके चलते ब्रेंट कच्चा तेल 0.60 प्रतिशत बढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 85.37 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।