महाकाली परियोजना का पानी नेपाल छोड़ने के लिए भारत से कूटनीतिक पहल करने की सत्तारूढ़ दल के सांसद की मांग

Posted on: 2026-07-09


काठमांडू, 09 जुलाई । नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद दीपक बोहोरा ने कहा है कि महाकाली सिंचाई परियोजना का पानी नेपाल और भारत दोनों देशों द्वारा उपयोग किए जाने की व्यवस्था होने के बावजूद भारत के साथ प्रभावी कूटनीतिक पहल नहीं होने के कारण नेपाल की ओर पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।

सांसद बोहोरा ने आज एक बयान में सरकार से मांग की कि परियोजना का पानी नेपाल की ओर छोड़े जाने के लिए विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारत के साथ कूटनीतिक पहल की जाए। उन्होंने कहा कि 48 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का लगभग 30 किलोमीटर निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना की नहर जहां समाप्त होगी, उस क्षेत्र कृष्णपुर-9 के स्थानीय लोगों से यह नहीं पूछा गया कि वहां नहर की आवश्यकता है या नहीं।

बोहोरा ने बयान में कहा कि दो नदियों के बीच मात्र 10 मीटर की दूरी पर बनाई जा रही नहर के कारण कुछ दिन पहले हुई बारिश में पूरे क्षेत्र की बस्ती जलमग्न हो गई थी। उन्होंने कहा, "स्थानीय पालिका ने इस क्षेत्र को आवासीय क्षेत्र घोषित किया है, लेकिन सरकार वहीं से नहर ले जा रही है। स्थानीय लोग साफ कह रहे हैं कि उन्हें नहर नहीं चाहिए।"

सांसद बोहोरा ने कहा, "जब स्थानीय लोग नहर नहीं चाहते, तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर इसकी आवश्यकता क्यों है। सरकार को जनता को बताना चाहिए कि यह नहर किस उद्देश्य से बनाई जा रही है।" उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों में इस बात का डर है कि नहर निर्माण के कारण सरकारी भूमि भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए सरकार को यह बताना चाहिए कि इस क्षेत्र में नहर निर्माण वास्तव में क्यों आवश्यक है।