जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के साथ जॉइंट प्रेस वक्तव्य के दौरान गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जापान की प्रीसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का संगम वैश्विक एआई विकास को नई गति और शक्ति देगा। उन्होंने कहा कि डिफेंस के क्षेत्र में आज हमने भारत और जापान के पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर समझौता किया है। भारत और जापान की निवेशक के तौर पर साझेदारी निरंतर सुदृढ हो रही है। पिछले 1 वर्ष में करीब 120 नए व्यावसायिक समझौते हुए हैं, जिनसे भारत में 10 बिलियन डॉलर से अधिक जापानी निवेश आएगा।
पीएम मोदी ने कहा, “भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की पहली भारत यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं…वे जापान की नारा प्रीफेक्चर से आती हैं जो भारत-जापान के सांचा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।”
पीएम मोदी ने कहा, “कुछ ही दिन पहले G7 समिट में मैंने कहा था, कि वैश्विक उथल-पुथल के आज के माहौल में, आपसी विश्वास हमारा सबसे बड़ा स्ट्रेटीजिक एसेट है। उन्होंने कहा, ” मुझे गर्व है, कि भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है। पिछले कई दशकों में, Automotive से लेकर इलेक्ट्रानिक्स तक, जापान ने भारत की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सेदार बनकर दोस्ती और विश्वास की एक अमूल्य पूंजी बनाई है। और आज प्रधानमंत्री ताकाइची की यात्रा से, हम अपनी स्पेशल स्ट्रेटीजिक एण्ड ग्लोबल पार्ट्नर्शिप के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज भारत और जापान, दोनों ही विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक हमारी साझा प्रतिबद्धता है। पीएम मोदी ने कहा, “क्षेत्र की सबसे बड़ी डेमोक्रैटिक और मार्केट ईकानमीज़ के रूप में, आज हमने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इनसे हम मिलकर पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।”
सयुंक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान पीएम मोदी ने बताया, “हमने भारत और जापान के पहले सह-विकास परियोजना पर समझौता किया है। नौसेना रेडियो एंटीना का यह प्रोजेक्ट हमारी रक्षा प्रौद्योगिकी साझेदारी में एक नया अध्याय है। अब हम ऐसी रक्षा प्रौद्योगिकियों को साथ मिलकर विकसित करेंगे, जो क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि फार्मा, मेडिकल डिवाइस और बायो-टेक में अजेय समझौतों से हम वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में भी योगदान देंगे। भारत का पैमाना और जापान की गुणवत्ता वाली कंपनी, हम किफायती, विश्वसनीय और उन्नत स्वास्थ्य समाधान दुनिया तक के लिए काम करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जापान निवेश साझेदारी निरंतर जारी है। पिछले एक साल में 100 से ज्यादा नए व्यापारिक समझौते हुए हैं, भारत में 10 अरब डॉलर से ज्यादा जापानी निवेश आया है। आज वित्तीय सेवा एजेंसियों के बीच समझौते से पूंजी और निवेश प्रवाह और सुगमता होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन का निवेश, और भारत में जापानी कंपनियों की संख्या में निवेश करना। भारत में लगातार हो रहे रिफॉर्म्स से बिजनेस करने में आसानी बढ़ी है, जापान की कंपनियों को भी इसका फायदा मिल सकता है।