जंक फूड से बच्चों के मस्तिष्क पर पड़ सकता है लंबे समय का असर

Posted on: 2026-06-07


बचपन में जंक फूड का अधिक सेवन जीवनभर के लिए मस्तिष्क में बदलाव ला सकता है। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि अधिक वसा और चीनी वाले खाद्य पदार्थ खाने से खाने की आदतों और भूख नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क के हिस्सों पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि बचपन में अस्वास्थ्यकर भोजन करने से मस्तिष्क के उन हिस्सों में बदलाव हो सकते हैं जो भूख और भोजन की आदतों को नियंत्रित करते हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया कि बाद में स्वस्थ भोजन अपनाने के बावजूद इन प्रभावों का असर लंबे समय तक बना रह सकता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि आज बच्चों के आसपास अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं और उनका लगातार प्रचार भी किया जाता है। जन्मदिन पार्टियों, स्कूल कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों में मीठे और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग आम हो गया है।

अध्ययन में पाया गया कि शुरुआती उम्र में अधिक कैलोरी और कम पोषण वाले भोजन का सेवन वयस्क होने तक खाने की आदतों को प्रभावित कर सकता है।

शोध के दौरान चूहों पर किए गए परीक्षणों में पाया गया कि जिन चूहों को बचपन में अधिक वसा और चीनी वाला भोजन दिया गया, उनमें बड़े होने पर भी खाने के व्यवहार में बदलाव दिखाई दिए।

शोधकर्ताओं ने इन बदलावों को मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस क्षेत्र से जोड़ा, जो भूख और ऊर्जा संतुलन को नियंत्रित करता है।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि कुछ लाभकारी बैक्टीरिया और प्रीबायोटिक फाइबर इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, Bifidobacterium longum APC1472 नामक बैक्टीरिया और कुछ प्रीबायोटिक फाइबर जैसे प्याज, लहसुन, शतावरी और केले में पाए जाने वाले तत्व खाने के व्यवहार को सुधारने में मददगार साबित हो सकते हैं।