देश में वैश्विक भारतीय प्रतिभाओं को जोड़ेने वाली 'पीएम रिसर्च चेयर' योजना के लिए आवेदन शुरू

Posted on: 2026-06-02


नई दिल्ली, 02 जून । शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय मूल के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को देश के अनुसंधान एवं नवाचार तंत्र से जोड़ने के उद्देश्य से पीएम रिसर्च चेयर (पीएमआरसी) योजना-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि पीएमआरसी के तहत विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों में कार्यरत भारतीय मूल के उत्कृष्ट शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और पेशेवरों को भारत के प्रमुख सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और अनुसंधान केंद्रों में कार्य करने का अवसर दिया जाएगा।

योजना के तहत 13 राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और सुपरकंप्यूटिंग सहित उन्नत कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री एवं महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष एवं रक्षा, अगली पीढ़ी की संचार तकनीक, विनिर्माण एवं इंडस्ट्री 4.0, कृषि एवं खाद्य प्रौद्योगिकी, ब्लू इकोनॉमी तथा परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।मंत्रालय के अनुसार यह योजना तीन प्रमुख स्तंभ लीड संस्थान, मेजबान संस्थान और पीएमआरसी फेलो पर आधारित होगी। इसके माध्यम से राष्ट्रीय जरूरतों के अनुरूप प्रभावी और परिणामोन्मुख अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के तहत संस्थानों और फेलो का चयन प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता वाली सशक्त समिति की निगरानी में किया जाएगा।

चयनित पीएमआरसी फेलो को फेलोशिप और अनुसंधान अनुदान, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान अवसंरचना तक पहुंच तथा भारत के प्रमुख सरकारी संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। वहीं, मेजबान संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, वैश्विक विशेषज्ञों के साथ काम करने और अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों के विस्तार का लाभ मिलेगा।योजना के तहत तीन श्रेणियों में अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें प्रारंभिक करियर के शोधकर्ताओं के लिए युवा अनुसंधान अध्येता (यंग रिसर्च फेलो), अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता (सीनियर रिसर्च फेलो) और वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित अनुसंधान नेतृत्वकर्ताओं के लिए रिसर्च चेयर शामिल हैं।

इस योजना के लिए विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिक, भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) और ओसीआई कार्डधारक वैज्ञानिक, शोधकर्ता और पेशेवर पात्र होंगे। योजना का उद्देश्य विश्व के अग्रणी संस्थानों और उद्योगों में कार्यरत भारतीय मूल की प्रतिभाओं को भारत के अनुसंधान और नवाचार क्षेत्र से जोड़ना है।मेजबान संस्थानों के रूप में राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की समग्र या इंजीनियरिंग श्रेणी में शीर्ष 100 तथा अनुसंधान श्रेणी में शीर्ष 50 सरकारी उच्च शिक्षण संस्थान पात्र होंगे। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद जैसी संस्थाओं के अंतर्गत आने वाली प्रमुख राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं और अनुसंधान संस्थान भी इसमें भाग ले सकेंगे।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सात प्रमुख संस्थानों को लीड संस्थान के रूप में चुना गया है। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, मुंबई, मद्रास, कानपुर, हैदराबाद, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरु शामिल हैं।मंत्रालय ने बताया कि फेलो और मेजबान संस्थानों के लिए आवेदन प्रक्रिया इसी साल 01 जून से शुरू हुई है। विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता और आवेदन संबंधी जानकारी प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।