अमेरिका ने 3 दिन में दूसरी बार ईरान पर किया हमला, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, 4 ड्रोन भी मार गिराए

Posted on: 2026-05-28


 अमेरिकी सेना ने ईरान में फिर से नए हमले कर दिए हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद एक ठिकाने पर किए गए, जिसे अमेरिकी सेना और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा माना जा रहा था. अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के चार हमला करने वाले ड्रोन भी मार गिराए, क्योंकि वे खतरा पैदा कर रहे थे. इस रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में मौजूद ईरान के एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर भी हमला किया, कहा गया कि वहां से पांचवां ड्रोन उड़ाने की तैयारी हो रही थी.

अधिकारी के अनुसार, ये कार्रवाई सीमित और पूरी तरह केवल डिफेंस (बचाव) के लिए की गई थी, ताकि दोनों देशों के बीच सीजफायर बना रहे.

इससे पहले ईरान की अर्ध-आधिकारिक फार्स न्यूज एजेंसी ने गुरुवार तड़के बताया था कि ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित नौसैनिक अड्डे बंदर अब्बास के पूर्व में तीन विस्फोट सुने गए थे. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े मीडिया आउटलेट फार्स के अनुसार, विस्फोटों की सूचना स्थानीय समयानुसार लगभग रात के 1:30 बजे मिली और इसके कारण बंदर अब्बास की वायु रक्षा प्रणालियों को कुछ समय के लिए सक्रिय (एक्टिव) करना पड़ा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान कहा है कि वह ईरान के साथ समझौते की शर्तों से अभी तक "संतुष्ट नहीं" हैं. उन्होंने कहा कि ईरान भले जंग को खत्म करने के लिए एक समझौते पर पहुंचने का "बहुत इरादा" रखता है, लेकिन "अभी तक वे वहां नहीं पहुंचे हैं". उन्होंने तब भी कहा था कि अगर समझौता नहीं हुआ तो हमले फिर से शुरू होंगे.

ट्रंप का ये बयान ऐसे वक्त में आया था जब कुछ घंटों पहले ईरान की सरकारी टीवी IRIB की ओर से दावा किया गया था कि अमेरिका की ओर से ईरान की समझौते का एक मसौदा भेजा गया है. इस मसौदे में कथित तौर पर अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर राजी हो गया और बदले में ईरान से युद्ध से पहले वाली स्थिति चाहता था. हालांकि इस दावे को अमेरिका ने खारिज कर दिया और मनगढ़ंत बताया है.