बलरामपुर, 20 मई । जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान “सबसे दूर, सबसे पहले” के तहत विभिन्न विकासखण्डों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों और क्लस्टर स्तरीय शिविरों का आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने और समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत पीएम-जनमन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से चयनित गांवों तथा आदि सेवा केंद्रों में ग्राम संपर्क कार्यक्रम संचालित किए गए। इस दौरान अधिकारियों, आदि कर्मयोगियों और गैर शासकीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांवों में पदयात्रा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। ग्राम भ्रमण के दौरान गांवों की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करते हुए लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रमों में ग्रामीणों को जनसुनवाई व्यवस्था की जानकारी भी दी गई, ताकि वे अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन तक आसानी से पहुंचा सकें। अभियान का उद्देश्य शासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा दूरस्थ क्षेत्रों में सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
विकासखण्ड वाड्रफनगर के लोधी क्लस्टर शिविर में जवराही, चंवरसरईडी, हरिगवां, गिरवानी, पण्डरी, कोटी, लोधी, महेवा, रामनगर, सरूवत, गुरमटी, मदनपुर, बाजरा, पेण्डारी और कोटराही ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। वहीं विकासखण्ड बलरामपुर के चितमा क्लस्टर में रनहत, कर्रीचलगली, चमनपर, भैरोपुर, लुर्गीकला, बादा, लुर्गीखुर्द, मकरो, चंदौरा, धनवार, चम्पापुर, चितमा और अमरपुर के ग्रामीणों ने सहभागिता की।
आयोजित शिविरों में स्वास्थ्य जांच, आधार कार्ड संबंधी सेवाएं, आयुष्मान कार्ड निर्माण, श्रम पंजीयन, जनधन खाता खोलना, महतारी वंदन योजना के अंतर्गत केवाईसी, शिकायत पंजीयन और त्वरित निराकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा ग्राम स्तर पर संचालित आदि सेवा केंद्रों में पौधारोपण, जनजागरूकता कार्यक्रम, ट्रांसेक्ट वॉक, रथयात्रा और जनभागीदारी सभाओं का आयोजन कर लोगों को उनके अधिकारों और योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जिला प्रशासन का कहना है कि जनजातीय क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि दूरस्थ ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।