प्रवर्तन
निदेशालय (ईडी) ने दक्षिण दमदम नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में पश्चिम
बंगाल सरकार के पूर्व अग्निशमन और आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बसु को कोलकाता में
गिरफ्तार किया है।
ईडी के
अधिकारियों ने कहा कि बोस ने कथित तौर पर पूर्व टीएमसी शासन के दौरान आर्थिक लाभ
के बदले दक्षिण दमदम नगरपालिका के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए लगभग 150 उम्मीदवारों की सिफारिश की थी।
अधिकारियों ने
बताया कि ईडी ने उन फ्लैटों के रूप में अपराध की प्रत्यक्ष आय का पता लगाया है, जिन्हें कथित तौर पर उसने विभिन्न व्यक्तियों को
नगर निगम की नौकरियां दिलाने के बदले में हासिल किया था।
जांच एजेंसी ने
उनके नियंत्रण वाले बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा होने का भी पता लगाया
है। श्री बोस को आज विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।
आकाशवाणी
संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन
निदेशालय ने सोमवार रात पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा मंत्री
सुजीत बोस को दक्षिण दमदम नगरपालिका में भर्ती में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में
गिरफ्तार किया, जहां वे 2010 से 2021 तक उपाध्यक्ष
थे।
दस घंटे से अधिक
की पूछताछ के बाद, वह बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता
में आने के बाद गिरफ्तार होने वाले पहले पूर्व मंत्री हैं।
ईडी अधिकारियों
ने बताया कि कथित अनियमितताएं 2014 से 2016 के बीच हुईं। ईडी सूत्रों के अनुसार, 17 नगरपालिकाओं में लगभग 1,000 कर्मचारियों की अवैध भर्ती की गई। हाल ही में हुए
विधानसभा चुनाव में बोस भाजपा से 37,000 से अधिक वोटों
से हार गए।
प्रवर्तन
निदेशालय के अनुसार, यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम
के प्रावधानों के तहत की गई थी।
जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बोस ने वित्तीय लाभ के बदले में दक्षिण दमदम नगरपालिका में कई उम्मीदवारों की नियुक्तियों की सिफारिश की थी। खबरों के मुताबिक, एजेंसी ने जांच के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का भी पता लगाया है।