विश्व रेडक्रॉस दिवस पर जिला अस्पताल में लगा विशाल रक्तदान शिविर

Posted on: 2026-05-08


धमतरी, 08 मई । विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला चिकित्सालय धमतरी में विशाल रक्तदान शिविर एवं निश्शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों, स्वास्थ्य कर्मियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर रामू रोहरा ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

महापौर ने कहा कि विश्व रेडक्रॉस दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। रेडक्रॉस संस्था वर्षों से आपदा राहत, स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरतमंदों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और आपात परिस्थितियों में रक्त की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि धमतरी के युवाओं में सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव मजबूत हो रहा है, जो समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। साथ ही उन्होंने रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नियमित रक्तदान स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।

इस अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ब्लड प्रेशर, शुगर सहित विभिन्न बीमारियों की जांच की गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिए। महापौर ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य परिवार और समाज की मजबूती का आधार है। समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण से गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव होती है, जिससे समय पर उपचार किया जा सकता है।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी, स्वास्थ्य विभाग, जिला चिकित्सालय प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की सहभागिता रही।