बलरामपुर, 01 अप्रैल । छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देशानुसार अप्रैल माह में तीन महीने का राशन एक साथ वितरित किए जाने की तैयारी चल रही है, लेकिन बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में मौजूदा व्यवस्थाओं को देखते हुए यह निर्णय हितग्राहियों के लिए राहत के बजाय नई परेशानी खड़ी कर सकता है। पहले से ही हर माह राशन वितरण में आ रही अव्यवस्थाएं अब तीन माह के एकमुश्त वितरण के कारण और गंभीर रूप ले सकती हैं।
रामानुजगंज में उचित मूल्य की मात्र दो दुकानों के माध्यम से सैकड़ों कार्डधारियों को राशन दिया जाता है। हर महीने सर्वर की समस्या, राशन आपूर्ति में देरी और अव्यवस्थित प्रबंधन के चलते समय पर वितरण नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप दुकानों पर लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। भीषण गर्मी में सुबह से लाइन में लगे रहना हितग्राहियों की मजबूरी बन जाती है। बीते माह भी कई लोगों को समय पर राशन नहीं मिल पाया था।
ऐसे हालात में जब एक माह का राशन बांटना ही चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, तब तीन माह का राशन एक साथ वितरित करना स्थानीय स्तर पर बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।
इस संबंध में रामानुजगंज की सहायक खाद्य अधिकारी चंपाकली दिवाकर ने बताया कि पिछले माह जिन हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पाया था, उनका रिकॉर्ड फूड इंस्पेक्टर से मंगाया गया है। रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शासन से तीन माह का राशन एक साथ वितरित करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं और विभाग इसके लिए तैयारियों में जुटा है। लक्ष्य है कि 7 से 10 अप्रैल के बीच सभी उचित मूल्य दुकानों में राशन का भंडारण पूरा कर लिया जाए, जिसके बाद वितरण शुरू किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रामानुजगंज की एक दुकान में लगभग 350 कार्डधारी जुड़े हैं। मार्च माह में 24 तारीख को राशन भंडारण होने के कारण वितरण में काफी देरी हुई थी, जिससे एक सप्ताह के भीतर सभी हितग्राहियों को राशन देना लगभग असंभव हो गया था। स्थिति को संभालने के लिए देर रात तक दुकान खोलकर वितरण करना पड़ा।
लाभार्थियों का कहना है कि यदि समय पर राशन का भंडारण और वितरण शुरू हो जाए तो भीड़ और अव्यवस्था की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उनका कहना है कि राशन पर निर्भर निचले वर्ग के परिवारों के लिए समय पर अनाज मिलना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसमें देरी होने पर उनके घर का चूल्हा तक प्रभावित होता है। भीषण गर्मी में घंटों इंतजार करना उनकी मजबूरी बन जाती है।
ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि हितग्राहियों को राहत मिल सके और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल पाए।