सूरजपुर, 31 मार्च । बेटियों के अधिकार और उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर सूरजपुर जिले में जागरूकता अब जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है। आज मंगलवार को कुबेरपुर में निकली जागरूकता रैली ने बाल विवाह के खिलाफ मजबूत संदेश देते हुए पूरे गांव को एकजुट कर दिया।
सूरजपुर जिले के ब्लॉक ओड़गी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुबेरपुर में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत एक प्रभावशाली जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम को यूनिसेफ और एग्रीकॉन फाउंडेशन का सहयोग मिला।
रैली की सबसे खास बात यह रही कि मिडिल स्कूल के बच्चों ने बाल विवाह विरोधी विषयों पर आकर्षक और भावपूर्ण चित्र बनाकर अभियान को नई ऊर्जा दी। बच्चों की इस रचनात्मक पहल ने ग्रामीणों के मन पर गहरी छाप छोड़ी और जागरूकता को और प्रभावी बनाया।
ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और युवोदय स्वयंसेवकों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने की शपथ ली। रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि कानून के अनुसार लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है, तथा इससे कम आयु में विवाह करना दंडनीय अपराध है।
युवोदय स्वयंसेवकों ने गांव की गलियों में भ्रमण कर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। रैली के दौरान “नोनी हा पढ़ही, तभे आगू बढ़ही”, “आओ मिलकर कदम बढ़ाएं, बाल विवाह पर रोक लगाएं” और “हम सबने ठाना है, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाना है” जैसे नारों से पूरा कुबेरपुर गूंज उठा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिससे इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया।
इस आयोजन में यूनिसेफ के जिला समन्वयक हितेश निर्मलकर, ब्लॉक समन्वयक बेलासो प्रजापति, सरपंच सुरज लाल, सचिव राम कीसुन बैंस, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक सत्यवती सहित युवोदय स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।