बिलासपुर , 17 फरवरी। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर एवं पीएम-ऊषा (PM-USHA) के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (UTD) में “सांस्कृतिक मूल्यों एवं हिन्दी साहित्य” विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा, सम्मान समारोह एवं भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और सृजनशीलता पर गंभीर विमर्श हुआ।
साहित्य मनीषियों का सम्मान
विशेष सत्र में साहित्य सृजन एवं साहित्यिक योगदान के लिए प्रदेश की प्रतिष्ठित विभूतियों को सम्मानित किया गया। कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी एवं मुख्य अतिथि शशांक शर्मा ने डॉ. विनय कुमार पाठक (वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग), डॉ. अजय पाठक (प्रतिष्ठित साहित्यकार), द्वारिका प्रसाद अग्रवाल (वरिष्ठ साहित्य सेवी) तथा सतीश जायसवाल (सुप्रसिद्ध कथाकार एवं साहित्यकार) को सम्मानित किया।
साहित्य समाज को देता है दिशा
मुख्य अतिथि शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य सृजन समाज को सही दिशा प्रदान करता है और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग की स्थापना को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति आचार्य वाजपेयी ने आयोजन को विश्वविद्यालय के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।
कवि सम्मेलन में काव्य रस की वर्षा
भव्य कवि सम्मेलन में देश के ख्यात रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मेलन में डॉ. विष्णु सक्सेना (गाजियाबाद), डॉ. सोनरूपा विशाल (बदायूँ), बलराम श्रीवास्तव (मैनपुरी), आचार्य देवेन्द्र देव एवं हिमांशु श्रोत्रिय (बरेली) की ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने सभागार में साहित्यिक वातावरण को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन संयोजक यशवंत कुमार पटेल एवं सचिव गौरव साहू ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. तारणिश गौतम सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे। राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।