सरकार संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण मामलों के कार्यालय (यूएनओडीए) के सहयोग से वार्षिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम का दूसरा संस्करण आयोजित कर रही है। विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि यह कार्यक्रम आज से आंध्र प्रदेश के पालसमुद्रम में शुरू हो रहा है और एशिया-प्रशांत और अफ्रीकी देशों के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1540 और रणनीतिक व्यापार नियंत्रणों पर आधारित है। यह कार्यक्रम भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) ढांचे के तहत आयोजित किया जा रहा है।
इसमें आगे बताया गया है कि ब्रुनेई दारुस्सलाम, कजाकिस्तान, केन्या, मॉरीशस, मंगोलिया, नामीबिया, नाइजीरिया, तंजानिया और वियतनाम सहित 9 देशों के 23 सरकारी विशेषज्ञ इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। भारत का केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड, रासायनिक हथियार कन्वेंशन पर राष्ट्रीय प्राधिकरण और अन्य संस्थाएं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और रणनीतिक व्यापार नियंत्रणों से संबंधित प्रासंगिक पहलुओं पर अपने कार्यान्वयन अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेंगी। मंत्रालय ने कहा कि यह वार्षिक प्रमुख आईटीईसी कार्यक्रम परमाणु अप्रसार पर देश की मजबूत साख की पुष्टि करता है और वैश्विक परमाणु अप्रसार ढांचे में भारत के योगदान का एक और प्रमाण है।