तीरंदाजी में चमकी संध्या, राष्ट्रीय पदक से भारतीय टीम तक पहुंचीं

Posted on: 2026-11-03


खेल की दुनिया में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी होता है। कई बार असफलता ही सफलता का रास्ता दिखाती है। कुछ ऐसी ही कहानी जम्मू-कश्मीर की युवा तीरंदाज संध्या की है, जिन्होंने फुटबॉल में चयन नहीं होने के बाद हार मानने के बजाय तीरंदाजी को अपना लक्ष्य बनाया और आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। रियासी जिले की नई बस्ती की रहने वाली संध्या ने बहुत कम समय में अपने शानदार प्रदर्शन से खेल जगत का ध्यान आकर्षित किया है। उनकी उपलब्धियां उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो किसी एक क्षेत्र में असफल होने के बाद अपने सपनों को छोड़ देते हैं।

संध्या ने साल 2025 में तीरंदाजी का प्रशिक्षण शुरू किया था। उन्होंने श्री माता वैष्णो देवी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कटड़ा में कोच अभिलाषा चौधरी और कुलदीप कुमार वेदवान के मार्गदर्शन में अभ्यास किया। इससे पहले संध्या फुटबॉल खेलती थीं, लेकिन टीम में चयन नहीं हो पाने के बाद उन्होंने खेल बदलने का फैसला किया। तीरंदाजी में उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने इस खेल की बारीकियां सीखने के लिए लगातार मेहनत शुरू कर दी। प्रशिक्षकों ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और तकनीक के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया।

संध्या ने अपनी मेहनत का परिणाम प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर दिया। उत्तर प्रदेश राज्य तीरंदाजी चैंपियनशिप में उन्होंने एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल किए। इसके बाद राजस्थान में आयोजित जूनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में सातवां स्थान हासिल किया और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।

राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिताओं में भी संध्या का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। आंध्र प्रदेश में आयोजित तीसरी महिला नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद केरल में आयोजित तीसरी नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया। लखनऊ में चौथी महिला नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने दो रजत पदक जीते। इसके अलावा सोनभद्र प्राइज मनी टूर्नामेंट और फाइनल नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में भी पहला स्थान हासिल किया। जम्मू-कश्मीर में आयोजित तीसरी नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में वह दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि जयपुर में पहली नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया