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काठमांडू, 15 अक्टूबर। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के आगामी भारत दौरे के समय ऊर्जा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और नेपाल से भारत को बिजली निर्यात के मुद्दे को प्राथमिकता देने के लिए ऊर्जा मंत्रालय ने एजेंडा तैयार करना शुरू कर दिया है।
नेपाल के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं को प्राथमिकता में रखते हुए भारत के साथ होने वाली बातचीत की तैयारी की जा रही है। मंत्री श्रेष्ठ के अनुसार पहले से आगे बढ़ाए जा रहे कुछ मुद्दों पर सचिव स्तर के तंत्र के माध्यम से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के बीच समन्वय करके दौरे के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मंत्री श्रेष्ठ ने प्रधानमंत्री शाह के भारत दौरे के लिए ऊर्जा क्षेत्र के एजेंडे पर चल रही तैयारियों की जानकारी दी। मंत्री श्रेष्ठ ने बताया कि जून-जुलाई में पोखरा में नेपाल और भारत के ऊर्जा सचिवों की संयुक्त संचालन समिति की बैठक में नेपाल से 1,650 मेगावाट बिजली निर्यात करने पर बनी सहमति के अनुरूप आगे बढ़ने की तैयारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री शाह के 23-2५ नवंबर को भारत का दौरा प्रस्तावित है। इस दौरानी आंतरिक सहमति हो गई है। हालांकि, अभी दौरे की तारीख का औपचारिक घोषणा होना बाकी हैं। इन तारीखों पर यात्रा होने की संभावना को देखते हुए मंत्रालय ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े एजेंडे पर काम शुरू कर दिया है।प्रधानमंत्री शाह के भारत दौरे की चर्चा के बीच नेपाल की 750 मेगावाट की पश्चिम सेती और 450 मेगावाट की सेती नदी-6 जलविद्युत परियोजनाएं द्विपक्षीय वार्ता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इन दोनों परियोजनाओं में भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी एनएचपीसी (एनएचपीसी) भी शामिल है।