बिलासपुर : ट्रक हादसे के बाद राहत में देरी पड़ी भारी, एनएचएआई ने एजेंसी पर ठोका 10 लाख का जुर्माना

Posted on: 2026-10-14


बिलासपुर, 14 अक्टूबर। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर सड़क दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य में देरी करना रखरखाव एजेंसी को भारी पड़ गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) ने आज बुधवार काे कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही मेसर्स रविंद्र सिंह आनंद पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

प्राधिकरण ने यह कार्रवाई दुर्घटना प्रबंधन में खामियों और निर्धारित मानकों के पालन में लापरवाही के चलते की है। जानकारी के मुताबिक, 12 अक्टूबर को तड़के करीब 3 बजे चोटिया टोल प्लाजा के पास दो ट्रक-ट्रेलरों के बीच टक्कर हो गई थी। हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने में देरी हुई, जिससे राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।

न मौके पर प्रोजेक्ट मैनेजर, न समय पर जरूरी संसाधन दुर्घटना के दौरान राहत कार्य में कई कमियां सामने आईं। एनएचएआई के अनुसार, एजेंसी का परियोजना प्रबंधक घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। वाहनों को हटाने के लिए जरूरी क्रेन ऑपरेटर उपलब्ध नहीं था और रिकवरी उपकरणों में भी पर्याप्त ईंधन नहीं था। इन कारणों से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात बहाल करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। प्राधिकरण ने इन परिस्थितियों को एजेंसी की जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर कमी माना।

आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना होने की स्थिति में त्वरित सहायता, पर्याप्त उपकरण, प्रशिक्षित कर्मियों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। इन व्यवस्थाओं में लापरवाही से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटना प्रबंधन भी प्रभावित होता है।

इसी आधार पर प्राधिकरण ने संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। एनएचएआई के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित और सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित परिचालन मानकों का पालन अनिवार्य है और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।