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बलरामपुर, 30 सितंबर । स्व-सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोजगार से जोड़ने की दिशा में बलरामपुर जिले ने नई पहल की है।
इसी संबंध में आज बुधवार को जिला संयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित पत्रकारवार्ता में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने प्रिज्मा एआई के साथ हुए गैर-वित्तीय एमओयू और एक से सात अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा सेतु शिविरों की जानकारी दी। प्रशासन के अनुसार, बलरामपुर डेटा लेबलिंग और एआई के लिए कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित करने वाला प्रदेश का पहला जिला बना है।
कलेक्टर ने बताया कि पायलट चरण में बलरामपुर में 10 सीटों वाला संचालन केंद्र शुरू किया जाएगा। यहां चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता, डिजिटल कौशल, डेटा लेबलिंग, इमेज और ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, सत्यापन तथा गुणवत्ता समीक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी विशेषज्ञों की निगरानी में वास्तविक एआई परियोजनाओं पर काम करेंगे। केंद्र में प्रशिक्षक और गुणवत्ता पर्यवेक्षक भी तैनात रहेंगे।
इस पहल का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और शिक्षित ग्रामीण युवाओं को डेटा एनोटेशन एवं कॉग्निटिव डेटा प्रोसेसिंग से जुड़े काम के जरिए आय के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रिज्मा एआई द्वारा केंद्र की तकनीकी व्यवस्था, प्रशिक्षण, संचालन, प्रतिभागियों के पारिश्रमिक और इंटरनेट कनेक्टिविटी का खर्च वहन किया जाएगा। वहीं जिला प्रशासन परिसर उपलब्ध कराने, हितग्राहियों के चयन और विभागीय समन्वय में सहयोग करेगा।
प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर ने बताया कि एआई प्रणालियों के प्रशिक्षण के लिए बड़ी मात्रा में सटीक और व्यवस्थित डेटा की जरूरत होती है। डेटा एनोटेशन के तहत चित्रों, वस्तुओं और अन्य डेटा की पहचान, टैगिंग एवं वर्गीकरण किया जाता है। इस काम के माध्यम से प्रशिक्षित प्रतिभागियों को तकनीकी अनुभव के साथ आय का अवसर मिलेगा।
सेवा सेतु शिविरों की भी दी गई जानकारी
कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान के तहत एक से सात अक्टूबर तक जिले के सभी छह विकासखंडों में आयोजित होने वाले सेवा सेतु शिविरों की जानकारी भी दी। इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करने के साथ उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को नोडल अधिकारी और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
शंकरगढ़ में एक अक्टूबर को एकलव्य आदर्श विद्यालय खेल मैदान दोहना, 3 को पहाड़ी कोरवा आश्रम के पास बेलकोना, 5 को शासकीय हाई स्कूल मैदान दुर्गापुर और 6 अक्टूबर को सावंत सरना डीपाडीहकला में शिविर होंगे। राजपुर में 1 को कोटडिहा, 2 को गोपालपुर, 3 को अलखडीहा, 4 को नगर पंचायत राजपुर, 5 को परसागुड़ी, 6 को बरियो और 7 अक्टूबर को खोडरो में शिविर लगाए जाएंगे।
वाड्रफनगर में एक अक्टूबर को रघुनाथनगर, 5 को पंडरी, 6 को प्रेमनगर और 7 अक्टूबर को चलगली में शिविर होंगे। कुसमी में 1 को बाजारपारा करौंधा, 3 को हाई स्कूल परिसर चांदो, 4 को हाई स्कूल मैदान सामरी, 5 को ग्राम पंचायत भवन मदगुरी और 6 अक्टूबर को ग्राम पंचायत भवन सबाग में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
बलरामपुर विकासखंड में एक अक्टूबर को दलधोवा, केरता, कपिलदेवपुर और सरनाडीह, 2 को तातापानी, 3 को नगर पालिका परिषद बलरामपुर और सरनाडीह, 4 को सेमली व भेलवाडीह, 5 को भैंसामुंडा, महाराजगंज व राधाकृष्णनगर, 6 को रनहत व तारकाखाड़ तथा 7 अक्टूबर को हाई स्कूल डौरा, लिलौटी, पस्ता और कण्डा में शिविर होंगे।
रामचंद्रपुर विकासखंड में एक अक्टूबर को सनावल के दुर्गा मंदिर के पास, 2 को आरागाही हाई स्कूल मैदान, 3 को डिंडो हाई स्कूल मैदान, 4 को महावीरगंज हाई स्कूल मैदान, 5 को रामलीला मैदान रामचंद्रपुर, 6 को स्कूल मैदान त्रिकुंडा और 7 अक्टूबर को काका लरंग साय सामुदायिक भवन रामानुजगंज में शिविर लगाया जाएगा।
कलेक्टर ने पत्रकारों से सेवा सेतु शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग की अपील की, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर समस्याओं का निराकरण करा सकें और शासकीय योजनाओं का लाभ ले सकें।