अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आयरलैंड और ब्रिटेन के उत्तरी आयरलैंड के एकीकरण को लेकर की गई टिप्पणी का ब्रिटेन में कड़ा विरोध हुआ है।
आयरलैंड की दो दिवसीय यात्रा के दौरान ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह आयरलैंड और उत्तरी आयरलैंड को एक होते देखना पसंद करेंगे। डबलिन में आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि दोनों का एकीकरण आखिरकार होगा और “अब ही हो जाए तो बेहतर है।”
हालांकि, बाद में ट्रंप ने माना कि यह मुद्दा विवादित है। उन्होंने कहा कि आयरलैंड के एकीकरण के सवाल का कोई आसान या अच्छा जवाब नहीं है।
ब्रिटेन में ट्रंप की टिप्पणी पर विरोध
आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन ने नेताओं से ट्रंप की टिप्पणी पर शांत दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस बयान पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर ट्रंप की राय पहले दिए गए उनके बयानों के अनुरूप है।
वहीं, ब्रिटेन की Conservative Party की नेता केमी बेडेनॉक ने ट्रंप की टिप्पणी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ट्रंप हमेशा की तरह बिना ज्यादा सोचे बोल रहे हैं, जैसा उन्होंने ग्रीनलैंड और कनाडा के अमेरिका का 51वां राज्य बनने को लेकर भी किया था।
Democratic Unionist Party (DUP) के नेता गेविन रॉबिन्सन ने भी ट्रंप की टिप्पणी को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उत्तरी आयरलैंड का संवैधानिक भविष्य वहां के लोग तय करेंगे, न कि लंदन, डबलिन या वॉशिंगटन में की गई टिप्पणियां।
उन्होंने कहा कि उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा है क्योंकि यही वहां के लोगों की स्थापित लोकतांत्रिक इच्छा है।
Reform UK के नेता नाइजेल फराज ने भी ट्रंप से असहमति जताते हुए कहा कि उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम का गौरवान्वित और अभिन्न हिस्सा है।
1998 के समझौते में तय है ‘सहमति’ का सिद्धांत
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि फिलहाल उत्तरी आयरलैंड की संवैधानिक स्थिति पर जनमत संग्रह कराने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने अगस्त के अंत में कहा था कि फिलहाल आयरिश एकीकरण पर जनमत संग्रह का सवाल चर्चा से बाहर है।
आयरलैंड और उत्तरी आयरलैंड अलग-अलग राजनीतिक इकाइयां हैं। 1998 के Belfast Agreement में ‘consent’ का सिद्धांत स्थापित किया गया था। इसके तहत उत्तरी आयरलैंड यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा बना रहेगा, जब तक कि वहां के अधिकांश लोग एकीकृत आयरलैंड के पक्ष में मतदान नहीं करते।