नई दिल्ली, 26 अगस्त । फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाई (एफएमएस) सेक्टर में काम करने वाली कंपनी मॉपशॉप डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने कमजोरी के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 138 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 0.72 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 137 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद से ही इस शेयर में कोई हलचल नहीं हुई है। मतलब न तो इस शेयर को लिवाल मिल रहा है और न ही इसकी बिकवाली हो रही है, जिसकी वजह से दोपहर 11:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद भी कंपनी के शेयर 137 रुपये के स्तर पर ही बने हुए थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर एक रुपये यानी 0.72 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है।
कंपनी का 27.26 करोड़ रुपये का आईपीओ 19 से 21 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.59 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.27 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 19.75 लाख शेयर जारी हुए हैं। इनमें लगभग पांच करोड़ रुपये के 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं, जबकि लगभग 22 करोड़ रुपये के 16 लाख नए शेयर बिके हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी कमर्शियल गाड़ियों की खरीदारी करने, रूफ टॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट का सेटअप करने, पुराने कर्ज को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
मॉपशॉप डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 81 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 3.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 30.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 37.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.92 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कम होकर 5.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 2.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 6.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 2.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 6.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 2.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए कम होकर 1.39 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।