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नई दिल्ली: देश में एलपीजी (LPG) की सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने करीब 1,800 किलोमीटर लंबी LPG पाइपलाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर लगभग 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।स्थानीय शहर की गाइड एक्सप्लोर करना इस विस्तार का उद्देश्य LPG की ढुलाई को सड़क टैंकरों से पाइपलाइन नेटवर्क की ओर ले जाना है, जिससे ईंधन आपूर्ति अधिक सुरक्षित, तेज और किफायती हो सकेगी।
छह राज्यों को मिलेगा फायदा मंजूर की गई तीन प्रमुख LPG पाइपलाइन परियोजनाएं छह राज्यों से होकर गुजरेंगी। इनमें तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और गोवा शामिल हैं। इन परियोजनाओं का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी GAIL (India) Ltd द्वारा किया जाएगा। इनमें प्रमुख परियोजनाएं हैं: चेरलापल्ली (तेलंगाना) से नागपुर (महाराष्ट्र) तक 556 किलोमीटर पाइपलाइन झांसी (उत्तर प्रदेश) से सितारगंज (उत्तराखंड) तक 611 किलोमीटर पाइपलाइन
शिक्रापुर (महाराष्ट्र) से गोवा और हुबली (कर्नाटक) तक 633 किलोमीटर पाइपलाइन सड़क टैंकरों पर घटेगी निर्भरता भारत में LPG की बड़ी मात्रा आयात के जरिए आती है और समुद्री बंदरगाहों से देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाई जाती है। वर्तमान में कई जगह LPG की लंबी दूरी की ढुलाई सड़क टैंकरों के माध्यम से होती है। नई पाइपलाइन व्यवस्था से LPG परिवहन ज्यादा सुरक्षित होगा और सड़क हादसों के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स लागत, ट्रैफिक दबाव और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है।
LPG नेटवर्क में करीब 24 प्रतिशत बढ़ोतरी इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश का अधिकृत कॉमन कैरियर LPG पाइपलाइन नेटवर्क करीब 7,700 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 9,500 किलोमीटर हो जाएगा। यानी नेटवर्क में लगभग 23.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी। ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा सरकार का लक्ष्य देश में ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत बनाना और ईंधन वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना है। LPG पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से दूरदराज के क्षेत्रों तक गैस की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाइपलाइन आधारित परिवहन लंबी दूरी के लिए अधिक भरोसेमंद और आर्थिक विकल्प माना जाता है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। भविष्य में और विस्तार की योजना यह परियोजना भारत के LPG इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की बड़ी योजना का हिस्सा है। इससे पहले कांडला-गोरखपुर LPG पाइपलाइन जैसी बड़ी परियोजनाओं पर भी काम किया जा चुका है। नई पाइपलाइनों के जरिए भारत एक अधिक सुरक्षित, आधुनिक और मजबूत ईंधन वितरण नेटवर्क तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।