भागीरथी ईको-सेंसिटिव जोन की समीक्षा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन पर फोकस

Posted on: 2026-08-21


नई दिल्ली, 21 अगस्त। भागीरथी ईको-सेंसिटिव जोन अधिसूचना के क्रियान्वयन की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को उत्तराखंड के मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव मौजूद रहे।

बैठक में अधिसूचना के सभी प्रावधानों को पूरी गंभीरता और प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया गया। साथ ही इसके प्रभावी निगरानी, प्रवर्तन और अनुपालन के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

बैठक के दौरान इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। विशेष रूप से भागीरथी नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों के सांस्कृतिक, पारिस्थितिक तथा आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए संरक्षण और संवेदनशील विकास के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 18 दिसंबर 2012 को गौमुख से उत्तरकाशी तक भागीरथी नदी के 4,179.59 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को भागीरथी पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र अधिसूचना के तहत ईको-सेंसिटिव जोन घोषित किया था। इसका मुख्य उद्देश्य गंगा के उद्गम स्थल की जैव-विविधता और नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना है। -