रक्षाबंधन से पहले मिठाई दुकानों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, 102 किलो बर्फी जब्त

Posted on: 2026-08-18



बिलासपुर, 18 अगस्त। रक्षाबंधन से पहले मिलावटी और मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली खाद्य सामग्री के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। प्रदेश में चलाए जा रहे ‘बने खाबो बने रहिबो’ अभियान के तहत आज मंगलवार को बिलासपुर के कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। व्यापार विहार की एक फर्म से करीब 102 किलो बर्फी सीज की गई, जबकि शनिचरी बाजार की एक दुकान से मिठाई का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के डीओ आरआर देवांगन के मुताबिक, रक्षाबंधन के मद्देनजर जिले में मिठाई, पनीर, खोवा और दूसरी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांची जा रही है। अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकिंग और लेबलिंग से जुड़े नियमों की भी जांच की जा रही है।

जांच टीम ने व्यापार विहार स्थित पवन ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। यहां बर्फी के लेबल में आवश्यक मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद टीम ने बर्फी का नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेजा और 23 कार्टन में रखी करीब 102 किलो बर्फी को सीज कर दिया।

विभाग के अनुसार, बर्फी की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह सामने आया है। अंतिम स्थिति प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

इसी अभियान के तहत खाद्य विभाग की टीम ने शनिचरी बाजार स्थित गुरु कृपा ट्रेडर्स की भी जांच की। यहां ‘मद्रास स्पेशल खस्ता मिठाई’ का नमूना लिया गया और उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। मिठाई के लेबल में खामियां मिलने पर विभाग ने मिथ्याछाप का प्रकरण दर्ज किया है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में नकली पनीर के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए विभाग ने दुकानों और निर्माण इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी है।

‘बने खाबो बने रहिबो’ अभियान के तहत अगले सात दिनों तक खाद्य प्रतिष्ठानों और मिठाई दुकानों की जांच जारी रहेगी। विभाग की टीमें मिठाई के साथ पनीर, खोवा और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेंगी। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि, अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना भी है। आने वाले दिनों में भी जांच का सिलसिला जारी रहेगा।