भारत के इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बाजार में Oben की नई दौड़, 2020 में मधुमिता ने रखी थी नींव

Posted on: 2026-08-17


 भारत दुनिया के सबसे बड़े दोपहिया वाहन बाजारों में शामिल है। देश में लाखों लोगों के लिए मोटरसाइकिल केवल एक वाहन नहीं, बल्कि रोजाना ऑफिस जाने, छोटे-बड़े काम निपटाने और लंबी रोड ट्रिप तक का प्रमुख साधन है। इसके बावजूद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआती लहर में मोटरसाइकिल सेगमेंट अपेक्षाकृत पीछे रहा और इलेक्ट्रिक स्कूटर तेजी से बाजार में अपनी जगह बनाते चले गए। इसी अंतर को कारोबारी अवसर के रूप में देखते हुए उद्यमी मधुमिता ने वर्ष 2020 में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी Oben Electric की शुरुआत की।


इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेवाओं का अनुभव रखने वाली मधुमिता ने भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के लिए मौजूद संभावनाओं को पहचाना। कंपनी की स्थापना के दौरान उनके साथ दिनकर अग्रवाल और सागर ठक्कर भी जुड़े। दिनकर अग्रवाल ने कंपनी में को-फाउंडर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO), जबकि सागर ठक्कर ने को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (CPO) के रूप में जिम्मेदारी संभाली। कंपनी की शुरुआत के पीछे एक महत्वपूर्ण विचार भारतीय दोपहिया बाजार में मौजूद उस अंतर को भरना था, जहां इलेक्ट्रिक स्कूटरों की तुलना में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के विकल्प सीमित थे। भारत में लंबे समय से मोटरसाइकिलों की बड़ी मांग रही है। छोटे शहरों से महानगरों तक बड़ी संख्या में लोग रोजाना आने-जाने के लिए बाइक का इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति के शुरुआती वर्षों में सबसे ज्यादा गतिविधि स्कूटर सेगमेंट में दिखाई दी।


मधुमिता के मुताबिक किसी सेक्टर में काम करते हुए उससे जुड़ी कमियां और जरूरतें करीब से दिखाई देने लगती हैं। EV क्षेत्र में R&D का अनुभव होने के कारण उन्हें भी इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार की जरूरतों को समझने का मौका मिला। यहीं से एक ऐसे कारोबार की अवधारणा विकसित हुई जो खास तौर पर मोटरसाइकिल उपयोगकर्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक विकल्प तैयार कर सके। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल विकसित करना इलेक्ट्रिक स्कूटर से कई मायनों में अलग चुनौती है। भारत में बाइक खरीदने वाला ग्राहक आम तौर पर केवल रोजमर्रा की यात्रा नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस, रेंज, मजबूती, डिजाइन और लंबे समय तक इस्तेमाल की क्षमता भी देखता है। पारंपरिक पेट्रोल मोटरसाइकिलों ने दशकों में ग्राहकों के बीच अपनी मजबूत जगह बनाई है। इसलिए इलेक्ट्रिक बाइक बनाने वाली कंपनियों के सामने ग्राहक को नई तकनीक अपनाने के लिए तैयार करने की चुनौती भी रहती है।

Oben ने इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बाजार में अपनी रणनीति तैयार की। कंपनी का जोर इलेक्ट्रिक वाहन को केवल पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के तौर पर पेश करने के बजाय ऐसा उत्पाद विकसित करने पर रहा जो पारंपरिक बाइक इस्तेमाल करने वाले ग्राहक की व्यावहारिक जरूरतों को भी पूरा कर सके। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का बाजार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों, शहरी प्रदूषण और इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बढ़ती जागरूकता ने EV की मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों ने भी इस बदलाव को गति दी है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों की संख्या तेजी से बढ़ने के बाद अब मोटरसाइकिल सेगमेंट में भी कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

हालांकि इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के सामने कुछ अलग चुनौतियां हैं। इनमें बैटरी की रेंज, चार्जिंग का समय, कीमत, सर्विस नेटवर्क और लंबी दूरी की यात्रा की सुविधा प्रमुख हैं। मोटरसाइकिल उपयोगकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग प्रतिदिन लंबी दूरी तय करता है। ऐसे में उन्हें ऐसा इलेक्ट्रिक वाहन चाहिए जो पर्याप्त रेंज देने के साथ भरोसेमंद भी हो। इसी वजह से EV कंपनियों के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट महत्वपूर्ण हो जाता है। बैटरी टेक्नोलॉजी, मोटर, थर्मल मैनेजमेंट और वाहन के डिजाइन पर किए गए काम का सीधा असर बाइक की परफॉर्मेंस और सुरक्षा पर पड़ता है। मधुमिता का EV क्षेत्र में R&D से जुड़ा अनुभव कंपनी की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण आधार बना। कंपनी के तीनों सह-संस्थापकों की जिम्मेदारियां भी अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी रहीं। ऑपरेशंस के स्तर पर दिनकर अग्रवाल और प्रोडक्ट से जुड़े पहलुओं में सागर ठक्कर की भूमिका ने कंपनी को तकनीकी विचार को व्यावसायिक उत्पाद में बदलने की दिशा में आगे बढ़ाया। Oben की शुरुआत ऐसे समय में हुई थी जब 2020 में पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी के कारण बड़े बदलावों से गुजर रही थी। कारोबार और सप्लाई चेन पर दबाव के बावजूद भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर दीर्घकालिक संभावनाएं बनी रहीं।

आने वाले वर्षों में EV स्टार्टअप्स ने बाजार में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई। भारत का विशाल टू-व्हीलर बाजार इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल कंपनियों के लिए बड़ा अवसर पेश करता है। शहरों में दैनिक आवागमन करने वाले कर्मचारियों से लेकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बाइक इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों तक इसका संभावित बाजार काफी व्यापक है। हालांकि पेट्रोल बाइक से इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की ओर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियों को कीमत और प्रदर्शन के बीच बेहतर संतुलन बनाना होगा। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्कूटर आमतौर पर शहर के भीतर छोटी दूरी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जबकि मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल लंबी दूरी के लिए भी होता है।

इसलिए इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए पर्याप्त रेंज और आसानी से उपलब्ध चार्जिंग विकल्प महत्वपूर्ण होंगे। भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अब प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ रही है। स्थापित वाहन निर्माताओं के साथ नए EV स्टार्टअप भी अलग-अलग सेगमेंट में उत्पाद पेश कर रहे हैं। ऐसे माहौल में किसी कंपनी के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहन बनाना पर्याप्त नहीं होगा। तकनीक, विश्वसनीयता, बिक्री के बाद की सेवा और ग्राहकों का भरोसा उसकी सफलता तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।भौगोलिक संदर्भ वर्ष 2020 में मधुमिता द्वारा शुरू की गई Oben की यात्रा भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में उभरते मोटरसाइकिल सेगमेंट की कहानी भी बताती है।

जिस बाजार में लंबे समय तक इलेक्ट्रिक स्कूटर चर्चा के केंद्र में रहे, वहां अब इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के लिए भी संभावनाएं बढ़ रही हैं। भारत के विशाल बाइक बाजार को देखते हुए यह बदलाव आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की अगली बड़ी प्रतिस्पर्धा का आधार बन सकता है। Oben जैसे स्टार्टअप इसी संभावना पर काम कर रहे हैं और पेट्रोल मोटरसाइकिल के पारंपरिक दबदबे वाले बाजार में इलेक्ट्रिक बाइक के लिए नई जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।