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नई दिल्ली, 04 अगस्त। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बिक्री पेशकश (ओएफएस) को मंगलवार दोपहर तक संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित श्रेणी में 66.10 फीसदी अभिदान मिला। केंद्र सरकार ने ओएफएस के जरिए होने वाली इस बिक्री के लिए न्यूनतम फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
स्टॉक एक्सचेंज के जारी आंकड़ों के मुताबिक संस्थागत निवेशकों ने 382.07 रुपये प्रति शेयर के सांकेतिक मूल्य पर 18.81 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं, जो उनके लिए आरक्षित हिस्से का 66.10 फीसदी है। केंद्र सरकार संस्थागत निवेशकों के लिए एलआईसी के 28.46 करोड़ से अधिक शेयर 382 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेच रही है।
खुदरा निवेशक बुधवार को इसके लिए बोलियां लगा सकेंगे। सरकार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी में अपनी 6.5 फीसदी हिस्सेदारी यानी 82.22 करोड़ से अधिक शेयर 382 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेच रही है। इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को करीब 31,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही एलआईसी को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता की आवश्यकता को समय से पहले हासिल करने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्रालय के तहत निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग दीपम ने ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में बताया कि एलआईसी में सरकार 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश कर रही है। इसके साथ ही 'ग्रीन शू ऑप्शन' के तहत अतिरिक्त 4 फीसदी हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। इसके लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इससे न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी (एमपीएस) के लक्ष्यों को समय से पहले हासिल करने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एलआईसी को न्यूनतम 10 फीसदी सार्वजनिक शेयरधारिता हासिल करने के लिए 16 मई, 2027 तक का समय दिया है । इस समय एलआईसी में सरकार की 96.5 फीसदी हिस्सेदारी है।