'रामायण' विवाद पर कॉस्ट्यूम डिजाइनर का जवाब

Posted on: 2026-08-04


निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म की पहली झलक और ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों का उत्साह काफी बढ़ गया है। हालांकि, ट्रेलर के साथ ही फिल्म के कुछ किरदारों, खासकर सीता और कैकेयी के कॉस्ट्यूम को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई। कई लोगों ने इन किरदारों के परिधानों को आधुनिक बताते हुए सवाल उठाए। अब फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स रिम्पल और हरप्रीत नरुला ने इन आलोचनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और बताया है कि फिल्म में हर लुक और हर रंग को गहरी सोच और रिसर्च के बाद तैयार किया गया है।

एक इंटरव्यू में रिम्पल नरुला ने कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि 'रामायण' जैसी महान कथा पर आधारित फिल्म को लेकर अलग-अलग तरह की राय सामने आएंगी। उनके अनुसार, यह कहानी करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ी हुई है, इसलिए कास्टिंग, कॉस्ट्यूम, विजुअल इफेक्ट्स और प्रस्तुति को लेकर मतभेद होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम इन प्रतिक्रियाओं के लिए पहले से तैयार थी और उनका सबसे बड़ा उद्देश्य अपने काम के प्रति ईमानदार रहना था।

रिम्पल ने विशेष रूप से सीता के कॉस्ट्यूम पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल ऐतिहासिक या पुरातात्विक प्रमाणों की नकल करना नहीं था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने माता सीता के स्वरूप की कल्पना की, तो उनके मन में मंदिरों में स्थापित देवी की दिव्य छवि उभरकर आई। उसी भावना को ध्यान में रखते हुए सीता का लुक तैयार किया गया। उनके अनुसार यह फैसला पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया था, ताकि दर्शकों को एक आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव मिल सके।

वहीं, फिल्म में कैकेयी की भूमिका निभा रहीं लारा दत्ता के लुक को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इस पर हरप्रीत नरुला ने कहा कि कैकेयी के कॉस्ट्यूम में इस्तेमाल किए गए हर रंग का एक विशेष अर्थ है। उन्होंने बताया कि परिधान में मौजूद हरा रंग ममता और स्नेह का प्रतीक है, जबकि गहरा मैरून रंग उनके आंतरिक संघर्ष, भावनात्मक शक्ति और कठिन निर्णयों को दर्शाता है। उनके अनुसार कैकेयी एक ऐसा किरदार है जो अपने बेटे भरत और भगवान राम के बीच भावनात्मक द्वंद्व से गुजरती है, इसलिए उसके व्यक्तित्व को रंगों के माध्यम से व्यक्त करने की कोशिश की गई है।

हरप्रीत ने यह भी कहा कि कई बार लोग किसी फिल्म की केवल झलक देखकर तुरंत राय बना लेते हैं, जबकि पूरी कहानी और उसके पीछे की सोच को समझना जरूरी होता है। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि फिल्म रिलीज होने के बाद उसे पूरा देखें और उसके बाद ही अंतिम राय बनाएं। उनके अनुसार, फिल्म का हर कॉस्ट्यूम, हर आभूषण और हर डिजाइन कहानी के अनुरूप तैयार किया गया है और उसके पीछे एक स्पष्ट रचनात्मक सोच मौजूद है।

रिम्पल नरुला ने आगे कहा कि प्राचीन काल के वास्तविक परिधान आज उपलब्ध नहीं हैं, जिन्हें हूबहू दोबारा बनाया जा सके। ऐसे में उनकी टीम ने मंदिरों की मूर्तियों, कैलेंडर आर्ट, लघु चित्रकला और विभिन्न सांस्कृतिक व्याख्याओं का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि रामायण केवल भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों और संस्कृतियों में अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत की जाती रही है। इसलिए फिल्म में परंपरा और आधुनिक सिनेमाई प्रस्तुति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।

फिल्म की स्टार कास्ट भी इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। रवि दुबे लक्ष्मण, यश रावण, सनी देओल हनुमान, लारा दत्ता कैकेयी और रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा की भूमिका में दिखाई देंगी। कलाकारों की इस मजबूत टीम ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

रिलीज की बात करें तो 'रामायण' का पहला भाग इस वर्ष दिवाली के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जबकि इसका दूसरा भाग अगले वर्ष दिवाली पर रिलीज होने की योजना है। ट्रेलर को मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स और फिल्म के भव्य विजुअल्स के बाद अब दर्शकों की निगाहें इसकी रिलीज पर टिकी हैं। मेकर्स का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल एक फिल्म बनाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ी इस अमर गाथा को नई पीढ़ी तक भव्य और प्रभावशाली तरीके से पहुंचाना है।