रायपुर। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम
क्षेत्र) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम)
राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त ईशु अग्रवाल, देवांश राठौर एवं नवनीत पाटिल के
मार्गदर्शन में पश्चिम जोन के थाना प्रभारी आमानाका निरीक्षक सुधांशु बघेल, पुरानी बस्ती
निरीक्षक विनय सिंह बघेल, डी.डी.
नगर निरीक्षक गौतम गावड़े, आजाद
चौक निरीक्षक राजेश सिंह, सरस्वती
नगर निरीक्षक पारस पटेल, कबीर
नगर निरीक्षक गगन वाजपेयी, न्यू
राजेन्द्र नगर निरीक्षक अजहरउद्दीन,
मुजगहन
निरीक्षक अमित कौशिक एवं टिकरापारा निरीक्षक राजेश मरई द्वारा अपने-अपने थाना
क्षेत्रों के विद्यालयों, सार्वजनिक
स्थलों एवं बस्तियों में नागरिकों,
विद्यार्थियों
एवं अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें यातायात नियमों, महिला एवं बाल
सुरक्षा, साइबर अपराधों से
बचाव, नशामुक्ति, पुलिस सहायता
सेवाओं तथा आंतरिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक रूप से जागरूक किया
गया।
इस दौरान थाना प्रभारियों सहित पुलिस
अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में नाबालिग
वाहन चालकों एवं उनके अभिभावकों से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर समझाइश दी
गई कि वे अपने बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट के दोपहिया
वाहन चलाने की अनुमति न दें। अभिभावकों को बताया गया कि नाबालिगों द्वारा वाहन
चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है,
बल्कि
उनके स्वयं के जीवन तथा अन्य नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा,
हेलमेट
एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, यातायात
संकेतों के पालन, साइबर
अपराधों से बचाव, महिला
एवं बाल सुरक्षा, नशे
से होने वाले दुष्परिणाम तथा आपातकालीन पुलिस सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी
गई। साथ ही उन्हें स्वयं यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार एवं समाज को
भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
संवाद
से समाधान* अभियान के अंतर्गत विभिन्न थाना क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम
आयोजित किए गए। थाना आमानाका क्षेत्र के बीएसयूपी कॉलोनी एवं आमानाका बस्ती तथा थाना
सरस्वती नगर क्षेत्रांतर्गत समता कॉलोनी फेस-2,
कोटा
स्थित नॉलेज जैन लाइब्रेरी में पुलिस अधिकारियों द्वारा नागरिकों, विद्यार्थियों
एवं क्षेत्रवासियों से आत्मीय संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान उनकी समस्याओं एवं
शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनकर उनके त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण का आश्वासन
दिया गया। जनसंवाद कार्यक्रमों में नागरिकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिला एवं बाल
सुरक्षा, साइबर अपराधों से
बचाव, यातायात नियमों
के पालन, नशामुक्ति, आपातकालीन सहायता
सेवाओं तथा पुलिस हेल्पलाइन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही
विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों को नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय
नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 एवं
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के
प्रमुख प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से अपील की
गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें
तथा पुलिस-जन सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।
उपस्थित नागरिकों को पुलिस हेल्पलाइन 112,
साइबर
हेल्पलाइन 1930, महिला
एवं बाल सुरक्षा, साइबर
अपराधों से बचाव, नशामुक्ति
तथा अन्य आपातकालीन सहायता सेवाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं जागरूकता
प्रदान की गई।
साथ
ही नागरिकों को *छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905* के
संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और
अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अवैध प्रवासियों एवं घुसपैठियों से संबंधित सूचनाओं के प्रभावी
संकलन के उद्देश्य से यह हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है। यदि किसी नागरिक को अपने
क्षेत्र में किसी संदिग्ध अवैध प्रवासी,
घुसपैठिए
अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होती है, तो वह उक्त टोल-फ्री नंबर पर सूचना दे
सकता है। प्राप्त सूचनाओं पर पुलिस द्वारा सूचना देने वाले की गोपनीयता बनाए रखते
हुए नियमानुसार आवश्यक जांच एवं विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।