नेपाल-भारत सीमा पर तकनीकी वार्ता : लखनऊ में होगी सर्वे अधिकारियों की अहम बैठक

Posted on: 2026-08-01


काठमांडू, 01 अगस्त   नेपाल और भारत के बीच सीमा संबंधी तकनीकी विषयों पर विचार-विमर्श के लिए सर्वे अधिकारी समिति (एसओसी) की 13वीं बैठक 12-14 अगस्त तक भारत के लखनऊ में आयोजित होगी। इस बैठक में सीमा कार्य समूह (बीडब्ल्यूजी) की 7वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्ययोजना और बजट को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है।

बीडब्ल्यूजी, सुस्ता और कालापानी को छोड़कर नेपाल-भारत सीमा से जुड़े तकनीकी मामलों पर काम करने वाला दोनों देशों के बीच का सर्वोच्च द्विपक्षीय तंत्र है। इसके अधिकार क्षेत्र में सुस्ता और कालापानी विवाद शामिल नहीं हैं। नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नापी विभाग के उपमहानिदेशक सुशील डंगोल करेंगे।

पिछले वर्ष 30 जुलाई को हुई बीडब्ल्यूजी की सातवीं बैठक में दोनों देशों ने अगले तीन वर्षों के भीतर नए सीमा स्तंभों का निर्माण, क्षतिग्रस्त स्तंभों की संयुक्त मरम्मत तथा अन्य तकनीकी कार्य पूरे करने पर सहमति बनाई थी।

बैठक में यह भी तय हुआ था कि दशगजा क्षेत्र में हुए अतिक्रमण का अभिलेख तैयार किया जाएगा तथा दोनों देशों के नागरिकों की सीमा पार स्थित संपत्तियों का विवरण भी संकलित किया जाएगा।

निर्धारित समयसीमा के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं और अब शेष एक वर्ष के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

नेपाल द्वारा वर्ष 2020 में नया राजनीतिक मानचित्र जारी किए जाने के बाद नेपाल-भारत सीमा का मुद्दा द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख एजेंडा बन गया था। हालांकि, तकनीकी स्तर पर सीमा संबंधी कार्य इससे पहले से ही जारी रहे हैं।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2014 में नेपाल यात्रा के दौरान बीडब्ल्यूजी के गठन पर सहमति बनी थी। इसके कार्यक्षेत्र में दशगजा क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त कराना, सीमा स्तंभों का निर्माण, पुनर्स्थापना और मरम्मत, सीमा पार संपत्तियों के अभिलेख को अद्यतन करना तथा अन्य तकनीकी कार्य शामिल हैं।

दोनों देशों ने 2015 में तीन वर्षों के भीतर इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर 2017 में समयसीमा बढ़ाकर 2022 तक कार्य समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन बजट की कमी, कोविड-19 महामारी, समय-समय पर उत्पन्न सीमा विवादों तथा प्रतिकूल मौसम के कारण यह लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका। कोविड महामारी और वर्ष 2020 के सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के संबंधों में आई ठंडक के कारण 2019 के बाद बीडब्ल्यूजी की बैठक नहीं हो सकी थी।

नापी विभाग के अनुसार, इस बार की बैठक में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) बेस स्टेशन के उन्नयन की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।

विभाग के आंकड़ों के अनुसार नेपाल-भारत सीमा पर वर्तमान में 8,554 सीमा स्तंभ हैं। इनमें से 1,325 स्तंभ लापता हैं, जबकि 1,956 स्तंभ आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं।