अमेरिका ने शुक्रवार रात लगातार सातवीं रात ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था। वहीं, ईरानी मीडिया ने कई शहरों में धमाकों और हवाई हमलों की सूचना दी। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है
कई शहरों में हमलों की खबर
ईरानी मीडिया के मुताबिक, सिरिक, अहवाज और यज्द शहरों में देर रात विस्फोट और हवाई हमलों की आवाजें सुनी गईं। वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी होरमोजगान प्रांत में कई पुलों को निशाना बनाया गया, जिनमें सात लोगों की मौत हो गई। ये पुल बंदर अब्बास बंदरगाह तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
होर्मुज में तेल टैंकरों पर दावों को लेकर विवाद
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों से टकराकर विस्फोट का शिकार हुए। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे गलत बताया।
बहरीन और कुवैत में हमलों का दावा
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर उस स्थान को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी लड़ाकू विमान तैनात थे। इसके अलावा बहरीन के बटेलको इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और कुवैत के अल-अहमदी पोर्ट स्थित अमेरिकी नौसैनिक ईंधन सपोर्ट पियर तथा अमेरिकी संचार केंद्र पर भी हमले का दावा किया गया।
कुवैत ने अस्थायी रूप से रोकी हवाई सेवाएं
ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका के बीच कुवैत ने एहतियातन अपने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। हालांकि, इन हमलों के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
चाबहार और ऊर्जा ढांचे को भी बनाया निशाना
ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, अमेरिकी हमलों में चाबहार बंदरगाह स्थित एक टावर भी ध्वस्त कर दिया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस टावर का इस्तेमाल आईआरजीसी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के संचालन के लिए कर रही थी। इसके अलावा ईरान के बिजली ढांचे और इरानशहर हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया।
ऊर्जा संकट गहराया, नागरिकों से बिजली बचाने की अपील
ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने नागरिकों से बिजली और एयर कंडीशनर का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि ऊर्जा ढांचे पर हमलों और भीषण गर्मी के कारण दक्षिणी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव है।
38 लोगों की मौत, 400 से अधिक घायल
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपुर के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक अमेरिकी हमलों में 38 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सातवें दिन भी जारी है संघर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब सातवें दिन में पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच पहले हुआ अंतरिम समझौता, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना और स्थायी युद्धविराम की दिशा में बातचीत करना था, अब प्रभावहीन होता दिखाई दे रहा है। ईरान ने जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और जहाजों पर नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है।