मुंबई, 19 जून । रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स शुक्रवार को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में यह जानकारी दी। मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने आईपीओ लाने के दस्तावेज को आज मंजूरी दे दी। इसे आज ही सेबी के समक्ष दाखिल किया जाएगा।
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस साल आरआईएल के लिए वैल्यू बनाने की दिशा में सबसे अहम पड़ाव है। इससे रिलायंस के शेयरहोल्डर्स के लिए बड़ी वैल्यू बनने की उम्मीद है। इसके साथ ही नए निवेशकों को निवेश का एक आकर्षक मौका भी मिलेगा। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को दिखाएगी कि भारत ग्लोबल स्तर, ग्लोबल क्षमता और ग्लोबल वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।
कंपनी ने बीएसई और एनएसई को दी सूचना में भी कहा है कि यह आईपीओ आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि शेष 33.57 फीसदी में से मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी 17.71 फीसदी है। विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है, जिसका संभावित मूल्यांकन 130–180 अरब यूएस डॉलर के बीच आंका जा रहा है।