सम्मान और स्वीकार्यता से बढ़ता है आत्मविश्वास : प्रधानमंत्री मोदी

Posted on: 2026-06-17


17 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने कहा कि सम्मान और स्वीकृति किसी व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। इससे न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।

सम्मान से बढ़ता है आत्मविश्वास

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को सम्मान और स्वीकार्यता मिलती है, तो वह स्वयं को अधिक मूल्यवान महसूस करता है। ऐसे सकारात्मक व्यवहार से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास मजबूत होता है और वह अपने कार्यों को अधिक उत्साह के साथ करने के लिए प्रेरित होता है।

संस्कृत सुभाषित के माध्यम से दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा:- “त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌। प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।” इस सुभाषित का भावार्थ है कि जब किसी व्यक्ति को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाता है, तो वह स्वयं को सौभाग्यशाली और गौरवान्वित महसूस करता है। महान व्यक्तियों से प्राप्त सम्मान व्यक्ति के भीतर उसके अपने गुणों और क्षमताओं के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करता है।

एक्स पर साझा किया संदेश

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। उन्होंने कहा कि इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है। इसी संदेश को उन्होंने संस्कृत सुभाषित के माध्यम से भी अभिव्यक्त किया।