बेंगलुरु, 16 जून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा है कि देशभक्त संगठन आरएसएस की राष्ट्रनिष्ठा पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार कांग्रेस के पास नहीं है। अशोक ने एक्स पर कहा कि देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार मुस्लिम लीग जैसे संगठनों के साथ राजनीतिक गठबंधन करने वाली कांग्रेस का आरएसएस पर टिप्पणी करना विडंबनापूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर आत्ममंथन करना चाहिए।
अशोक ने विधानसौधा के सामने कथित ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नारेबाजी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राज्य सरकार और मंत्री प्रियंक खरगे ने उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि देशविरोधी मानसिकता रखने वालों का समर्थन करने वाले लोग अब आरएसएस की वैधता और राष्ट्रसेवा पर प्रश्न उठा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
विपक्ष के नेता ने कहा कि कांग्रेस में आगामी मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है और प्रियंक खरगे पार्टी नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से आरएसएस का मुद्दा उठा रहे हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर राजनीतिक रणनीति के तहत इस प्रकार के बयान दिए जा रहे हैं। अशोक ने आरोप लगाया कि सूचना प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों के निर्वहन में प्रियंक खरगे विफल रहे हैं।