धमतरी, 12 जून । नगर निगम धमतरी में विभिन्न वाहन एवं सामग्री खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितता और वित्तीय भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर एवं कांग्रेस पार्षदों ने कलेक्टर को आज ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि स्वास्थ्य विभाग के लिए खरीदे गए टिप्पर वाहन बाजार मूल्य से लगभग 40 प्रतिशत अधिक कीमत पर खरीदे गए, जबकि निविदा शर्तों के अनुसार आरटीओ पंजीयन और बीमा उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन आज तक निगम अभिलेखों में इन वाहनों के पंजीयन एवं बीमा संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि निगम द्वारा खरीदे गए चैन माउंटेन-210 वाहन, टाटा हिताची जेसीबी और वैक्यूम क्लीनिंग वाहन बिना आरटीओ पंजीयन और बीमा के सड़कों पर संचालित किए जा रहे हैं, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में गंभीर प्रशासनिक और कानूनी सवाल खड़े हो सकते हैं।
पार्षदों ने संबंधित सप्लायरों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कचरा प्रबंधन केंद्र के लिए हाल ही में खरीदी गई बेलिंग मशीनों पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि निविदा में 10 एचपी क्षमता एवं डबल सिलेंडर मशीन का प्रावधान था, जबकि सप्लायर द्वारा 7.5 एचपी क्षमता की सिंगल सिलेंडर मशीन उपलब्ध कराई गई, जो निविदा शर्तों के विपरीत है। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि इस मामले की शिकायत पूर्व में निगम आयुक्त से भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी जांच या कार्रवाई सामने नहीं आई है। साथ ही पूर्व में चर्चित डीजल घोटाले की जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं किए जाने से नागरिकों में निगम प्रशासन के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई तो नगर निगम का घेराव कर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, पार्षद योगेश लाल, पूर्णिमा गजानंद रजक और भागी ध्रुव प्रमुख रूप से शामिल रहे।