फर्जी सर्कुलर से जीता केस, हाई कोर्ट ने खुद वापस लिया फैसला

Posted on: 2026-05-29


बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जहां अदालत को अपना ही फैसला वापस लेना पड़ा। मामला एक महिला चिकित्सक द्वारा नियमितिकरण की मांग को लेकर दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर फर्जी सरकारी सर्कुलर के आधार पर अदालत से राहत हासिल कर ली गई थी। बाद में सर्कुलर के फर्जी होने का खुलासा होने पर महिला चिकित्सक ने खुद हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी।

जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के मोपका प्राथमिक स्वास्थ्य आयुष केंद्र में संविदा आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. ममता मिश्रा ने नियमितिकरण की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के साथ 28 मई 2010 का एक सरकारी सर्कुलर प्रस्तुत किया गया था, जिसमें संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण पर विचार करने का उल्लेख था।

याचिका में दावा किया गया था कि डॉक्टर 18 वर्षों की सेवा पूरी कर चुकी हैं और नियमितिकरण की पात्र हैं। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को संबंधित विभाग को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर चार महीने के भीतर नियमों के तहत निर्णय लिया जाए।

हालांकि कुछ समय बाद महिला चिकित्सक को जानकारी मिली कि जिस सर्कुलर के आधार पर उन्होंने केस जीता, उसे राज्य सरकार पहले ही फर्जी और मनगढ़ंत घोषित कर चुकी थी। सरकार ने 2 जून 2010 को स्पष्टीकरण जारी कर साफ कहा था कि 28 मई 2010 का उक्त सर्कुलर वैध नहीं है।

इसके बाद महिला चिकित्सक ने हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर कहा कि उन्हें सर्कुलर के फर्जी होने की जानकारी नहीं थी और यह चूक अनजाने में हुई। उन्होंने अदालत को बताया कि आदेश मिलने के बावजूद उन्होंने विभाग के सामने कोई दावा या लाभ लेने का प्रयास नहीं किया।

महिला चिकित्सक ने अदालत से पुराने आदेश को निरस्त कर मामले की दोबारा सुनवाई की अनुमति देने का अनुरोध किया। हाई कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए अपना पूर्व आदेश वापस लेते हुए मूल याचिका को पुनः सुनवाई के लिए बहाल कर दिया।

राज्य सरकार की ओर से भी अदालत को बताया गया कि आदेश के आधार पर याचिकाकर्ता ने किसी प्रकार का लाभ नहीं लिया है। वहीं सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि फर्जी सर्कुलर तैयार करने और प्रसारित करने के पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।