मनोहर लाल ने भलस्वा डंपसाइट का दौरा कर कार्यों की समीक्षा, 43 एकड़ भूमि हुई खाली

Posted on: 2026-05-28


नई दिल्ली, 28 मई । केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने भलस्वा डंपसाइट का दौरा कर वहां चल रहे अपशिष्ट निस्तारण और भूमि पुनः प्राप्ति कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से हो रही अपशिष्ट निस्तारण प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है।

भलस्वा डंपसाइट को मंत्रालय ने कचरा स्थल निस्तारण एवं कार्य योजना (डीआरएपी) पहल के तहत अपनाया है। यह मिशन मोड कार्यक्रम देशभर के बड़े पुराने कचरा स्थल को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित कर 'लक्ष्य शून्य कचार स्थल' हासिल करने पर केंद्रित है। उन्होंने सितंबर 2025 में इस साइट को औपचारिक रूप से अपनाने की घोषणा की थी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि जून 2022 में यहां लगभग 73 लाख मीट्रिक टन अपशिष्ट था। जुलाई 2022 से प्रतिदिन लगभग 15 हजार मीट्रिक टन अपशिष्ट का जैव अपशिष्ट खनन किया जा रहा है। 26 मई 2026 तक शेष अपशिष्ट घटकर लगभग 23.17 लाख मीट्रिक टन रह गया है। अब तक करीब 43 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त की जा चुकी है, जबकि कुल क्षेत्रफल लगभग 70 एकड़ है।

मनोहर लाल ने समीक्षा के दौरान जैव अपशिष्ट खनन कार्यों, पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों, अग्नि रोकथाम, रिसाव (लीचेट) प्रबंधन और संपूर्ण निस्तारण रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने सितंबर तक कचरा स्थल की पूरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि रोजाना उत्पन्न होने वाले ताजा अपशिष्ट का तुरंत निस्तारण किया जाए ताकि नया पुराना कचरा न बने।

मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पुनः प्राप्त भूमि का उपयोग जनकल्याण और सार्वजनिक हित में किया जाए। इस दौरे में नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार, मुख्य अभियंता‑प्रमुख पीसी मीना, मुख्य अभियंता केके शर्मा, उप आयुक्त शशि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।