जगदलपुर, 22 मई । शासन की अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ आदि सेवा केंद्र घाटलोहंगा में जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत बस्तर मुन्ने कार्यक्रम का आयोजन आज शुक्रवार काे ग्राम पंचायत भवन के परिसर में किया गया। सबसे दूर, सबसे पहले की प्रेरणादायी थीम पर आधारित यह जनभागीदारी अभियान पूरी तरह से बस्तर और जनजातीय क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास के लिए समर्पित रहा। शासन की मंशानुरूप इस विशेष शिविर में जनजातीय समाज के कल्याण के लिए संचालित शासकीय योजनाओं के व्यवस्थित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए समस्त विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद नजर आए, जिन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया।
शिविर के दौरान राजस्व विभाग से संबंधित आए विभिन्न मामलों की गंभीरता को देखते हुए पटवारी भरत पटेल ने मौके पर ही उनका समाधान किया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग की टीम से प्रेम, गोपिका और नेहा ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए शिविर में पहुँचे जरूरतमंद ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जाँच की और उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ प्रदान कीं। इसके साथ ही कृषि विभाग से संतोष कश्यप ने उपस्थित होकर किसानों को विभागीय योजनाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों को बढ़ावा देते हुए समस्त ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में आंगनबाड़ी परिसर के समीप वृक्षारोपण भी किया गया, जहाँ भविष्य की हरियाली के प्रतीक के रूप में आम का एक पौधा रोपा गया।
इस अभियान का नेतृत्व जनपद सदस्य गजेंद्र ठाकुर, सरपंच दिया भद्रे, पार्वती बघेल, मन्ना प्रसाद तिवारी, ईश्वरी मारकंडे और यशवंत तिवारी जैसे प्रबुद्ध जनप्रतिनिधियों ने किया। वहीं ग्रामीणों के सहयोग के लिए आदि कर्मयोगी के रूप में ग्राम सचिव पदम नाथ कश्यप, संकुल प्राचार्य विजय दास, नोडल अधिकारी लिलेश कुमार देवांगन सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनीषा तिवारी, शक्ति तिवारी, लायमनी तिवारी और सहयोगी के रूप में कोटवार नरेंद्र नाग, सुकरू एवं रोजगार सहायक नवीना नाग ने पूरी निष्ठा से अपनी भूमिका निभाई।
बड़ी संख्या में पहुँचे ग्रामीणों ने इस पूरे आयोजन का भरपूर लाभ उठाया। शिविर के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए नोडल अधिकारी लिलेश देवांगन ने बताया कि यह जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान के रूप में आगामी 25 मई तक निरंतर संचालित होगा, जिसकी शुरुआत 18 मई से हुई है। उन्होंने क्षेत्र के समस्त ग्रामवासियों से अपील की है कि वे आदि सेवा केंद्र में आकर इस अभियान का हिस्सा बनें और अपनी समस्याओं का निराकरण कराएं।