प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गोथेनबर्ग में स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देश व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और स्थिरता के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमत हुए।
स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस, महामहिम विक्टोरिया भी बैठक में शामिल हुईं और उन्होंने कार्ल XVI गुस्ताफ और सिल्विया की ओर से शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने राजा कार्ल XVI गुस्ताफ को उनके 80वें जन्मदिन पर हार्दिक बधाई दी।
वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने भारत-स्वीडन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश, नवाचार, हरित परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा एवं सुरक्षा, डिजिटलीकरण, लघु एवं मध्यम उद्यम, अंतरिक्ष, अनुसंधान, शिक्षा, संस्कृति और जन-समुदाय आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती गति को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित और नवाचार, स्थिरता एवं अनुसंधान सहयोग से संचालित संबंधों को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि नई रणनीतिक साझेदारी चार प्रमुख स्तंभों द्वारा निर्देशित होगी - स्थिरता और संरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद; अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी; उभरती प्रौद्योगिकियां और विश्वसनीय कनेक्टिविटी; और कल को एक साथ आकार देना - लोग, ग्रह, स्वास्थ्य और लचीलापन।
इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना 2026-2030 को अपनाया, जिसका उद्देश्य राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा और जन-जन संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना है।
हाल ही में संपन्न हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए दोनों प्रधानमंत्रियों ने कहा कि इस समझौते ने आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग में एक नया चरण खोल दिया है और व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी संबंधों को और मजबूत करने के लिए इसके शीघ्र कार्यान्वयन की आशा व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने नवाचार, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण, सतत गतिशीलता और डिजिटल परिवर्तन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ स्वीडन की निरंतर भागीदारी की सराहना की। वहीं, प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन ने डिजिटल परिवर्तन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भारत की प्रगति की प्रशंसा करते हुए स्वीडन की अर्थव्यवस्था और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में भारतीय समुदाय के योगदान को भी स्वीकार किया।
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य बहुपक्षीय संगठनों में सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में स्वीडन के समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया, वहीं दोनों नेताओं ने शांति, स्थिरता, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।