भारत की मेजबानी में शुरू हुआ किम्बर्ले प्रोसेस का अंतरसत्रीय सत्र, मुंबई में चार दिन चलेगी बैठक

Posted on: 2026-05-12


मुंबई, 12 मई । देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मंगलवार को भारत की अध्यक्षता में किम्बर्ले प्रोसेस (केपी) की अंतरसत्रीय बैठक शुरू हुई, जो 14 मई तक चलेगी। 4 दिवसीय इस बैठक में किम्बरली प्रोसेस के प्रतिभागियों, पर्यवेक्षकों और दुनिया भर के उद्योग हितधारकों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया है, ताकि प्राकृतिक हीरों के वैश्विक व्यापार से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सके।

भारत ने अपनी अध्यक्षता में मुंबई में किम्बरली प्रोसेस (केपी) इंटरसेशनल मीटिंग का उद्घाटन किया। केपी चेयर 2026 सुचिंद्र मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किम्बर्ले प्रोसेस ने शांति को बढ़ावा देने, आजीविका की रक्षा करने और उत्पादक देशों के बीच वैध हीरा व्यापार को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने संबोधन में इस प्रणाली में विश्वास को और मजबूत करने, प्रतिभागियों के बीच सहयोग बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में किम्बर्ले प्रोसेस प्रासंगिक और प्रभावी बना रहे। उन्होंने यह भी बताया कि प्राकृतिक हीरे टिकाऊ उत्पाद हैं और किम्बर्ले प्रोसेस विश्व स्तर पर सबसे प्रगतिशील प्रमाणन प्रणालियों में से एक बना हुआ है।

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक अंतरसत्रीय बैठक के दौरान आगामी दिनों में विभिन्न कार्य समूहों और समितियों की चर्चाएं और बैठकें होंगी। इस दौरान होने वाले विचार-विमर्श किम्बर्ले प्रोसेस प्रमाणन योजना के कार्यान्वयन, निगरानी और अनुपालन तंत्र, पारंपरिक और जलोढ़ हीरे के उत्पादन, सांख्यिकी और प्राकृतिक हीरा मूल्य श्रृंखला में विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए उपायों पर केंद्रित होंगे। अंतरसत्रीय बैठक की कार्यवाही 14 मई तक जारी रहेगी। इस बैठक में भाग लेने वाले देशों, उद्योग निकायों और नागरिक समाज समूहों के वैश्विक प्रतिनिधि एक साथ आए, ताकि ज़िम्मेदार और टिकाऊ हीरा व्यापार के भविष्य पर चर्चा की जा सके।


मंत्रालय ने कहा कि इस बैठक में प्रतिभागियों और पर्यवेक्षकों को वैध तरीके से प्राप्त प्राकृतिक हीरों में उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए उभरती चुनौतियों और सहयोगात्मक दृष्टिकोणों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलने की भी उम्मीद है। अंतर-सत्रीय बैठक में भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, किम्बर्ले प्रोसेस में भाग लेने वाले प्रतिनिधि, विश्व हीरा परिषद के सदस्य, नागरिक समाज गठबंधन के सदस्य और अन्य हितधारक भाग ले रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प 55/56 (2000) के तहत स्थापित किम्बर्ले प्रोसेस प्रमाणन योजना (केपीसीएस) एक अंतरराष्ट्रीय पहल है। इसका उद्देश्य संघर्ष वाले क्षेत्रों से अवैध तरीके से प्राप्त हीरों का वैध हीरा व्यापार में प्रवेश रोकना है। अभी किम्बर्ले प्रोसेस में 60 प्रतिभागी 86 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देश एकल समूह के रूप में शामिल हैं।