दिल्ली: भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने
वित्त वर्ष 2026-27 की
शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की है। अप्रैल 2026 में देश की
कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने साल-दर-साल बिक्री में अच्छी बढ़त दर्ज की है,
जिससे पूरे उद्योग में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। मारुति
सुज़ुकी इंडिया ने अप्रैल में कुल 2.39 लाख वाहन बेचे,
जो किसी एक महीने में अब तक की सबसे अधिक बिक्री है। कंपनी ने घरेलू
बाजार में 1.9 लाख से अधिक वाहन बेचे, जिसमें
34% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी
पार्थो बनर्जी ने कहा कि GST 2.0 के लाभ, रेपो रेट में कटौती और आयकर में राहत जैसे कारकों ने मांग को मजबूत किया
है। उन्होंने बताया कि छोटी कारों की मांग इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान दे रही
है।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने भी
अप्रैल में 59,701 यूनिट्स
की बिक्री के साथ 31.1% की वृद्धि दर्ज की। इसमें घरेलू
बाजार में लगभग 59,000 वाहन शामिल हैं। कंपनी के EV सेगमेंट में भी 72.1% की तेज़ बढ़त दर्ज की गई और 9,150
इलेक्ट्रिक वाहन बिके। हुंडई मोटर इंडिया ने घरेलू बाजार में 51,902
वाहनों की बिक्री के साथ 17% की वृद्धि दर्ज
की, जो कंपनी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ अप्रैल प्रदर्शन रहा।
कंपनी के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि पिछले महीनों की मजबूत गति को अप्रैल
में भी बनाए रखा गया है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कुल 94,627 वाहनों की बिक्री दर्ज की,
जो 14% की सालाना वृद्धि दर्शाती है। कंपनी के
ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ ने इसे वित्त वर्ष की मजबूत शुरुआत बताया। किया इंडिया ने
अप्रैल में 27,286 यूनिट्स की बिक्री की, जो 16% की वृद्धि है और कंपनी का अब तक का
सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन है। कंपनी ने बताया कि सेल्टोस, सोनेट,
कैरेंस और क्लैविस मॉडल्स की मांग ने बिक्री को मजबूती दी है।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भी 21% की बढ़त के साथ 30,159
वाहन बेचे, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल में यह
आंकड़ा 24,833 था। कुल मिलाकर, ऑटो
सेक्टर में मांग में सुधार और नीतिगत समर्थन के चलते वित्त वर्ष की शुरुआत मजबूत
रही है और आने वाले महीनों में भी सकारात्मक रुझान की उम्मीद जताई जा रही है।