जलवायु नेतृत्व और वैश्विक साझेदारी पर भारत का जोर: पीयूष गोयल

Posted on: 2026-04-29


केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और वैश्विक आर्थिक साझेदारी को लेकर देश की मजबूत स्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास गाथा में वैश्विक विश्वास लगातार बढ़ रहा है और देश एक दर्जन से अधिक देशों व क्षेत्रों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी पर सक्रिय बातचीत कर रहा है।

वैश्विक विश्वास और आर्थिक भागीदारी में वृद्धि

उन्होंने बताया कि भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभर रहा है। विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों और आर्थिक सहयोग को लेकर चल रही वार्ताएं इस बात का संकेत हैं कि भारत की आर्थिक नीतियों और विकास मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय भरोसा मजबूत हुआ है।

जलवायु कार्रवाई के लिए पूर्ण समर्थन

मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार जलवायु कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकार, उद्योग और समाज-तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की बड़ी उपलब्धियां

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में जी20 के शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य तय समय से 8 साल पहले ही हासिल कर लिए हैं और अब 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

सामूहिक प्रयास और जीवनशैली में बदलाव पर जोर

उन्होंने कहा कि जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए केवल नीतिगत बदलाव ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जीवनशैली में भी परिवर्तन आवश्यक है। ऊर्जा खपत कम करना, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और टिकाऊ विकास की दिशा में छोटे-छोटे कदम भी बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

जलवायु न्याय और भविष्य की जिम्मेदारी

अपने संबोधन के समापन में मंत्री ने ‘न्यास’ (ट्रस्टीशिप) के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि पृथ्वी आने वाली पीढ़ियों की धरोहर है। उन्होंने जलवायु न्याय, समानता और अंतर-पीढ़ीगत जिम्मेदारी पर बल देते हुए सभी हितधारकों से एक सुरक्षित, लचीला और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।